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दुग्ध शक्ति से समृद्ध हो रहीं मातृ शक्ति
लखनऊ। प्रदेश में महिला नेतृत्व वाली मिल्क प्रोड्यूसर कंपनियां ग्रामीण दुग्ध अर्थव्यवस्था में बदलाव की मजबूत धुरी बन गयी है। वर्तमान में इन कंपनियों से लगभग 3.25 लाख महिला दुग्ध उत्पादक संगठित रूप से जुड़ी हैं और इनके माध्यम से प्रतिदिन लगभग 12.5 लाख लीटर दूध का संग्रहण किया जा रहा है। यह पहल महिलाओं को केवल दुग्ध उत्पादक के रूप में नहीं, बल्कि संगठित आर्थिक गतिविधियों की सक्रिय भागीदार और उद्यमी के रूप में स्थापित कर रही है। उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि महिला नेतृत्व वाला यह दुग्ध मूल्य श्रृंखला मॉडल ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार एवं ...
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