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शाहजहांपुर में गंगा एक्सप्रेस-वे पर मिले पांच कट:हादसे का बना रहता था खतरा, एडीएम ने यूपीडा को बंद करने के दिए निर्देश
शाहजहांपुर में गंगा एक्सप्रेस-वे पर निराश्रित पशुओं के कारण होने वाले हादसों को रोकने के लिए प्रशासन सक्रिय हो गया है। अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) रजनीश मिश्रा ने मंगलवार शाम चार बजे एक्सप्रेस-वे का निरीक्षण किया, जिसमें पांच कट चिन्हित किए गए। इन कटों से निराश्रित पशु एक्सप्रेस-वे पर आ जाते हैं, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ जाती है। एडीएम ने यूपीडा को इन कटों को बंद करने के निर्देश दिए हैं। पिछले कुछ समय से शाहजहांपुर में निराश्रित पशुओं के कारण सड़क हादसों में वृद्धि हुई है। गंगा एक्सप्रेस-वे पर वाहनों की तेज रफ्तार के कारण हादसों का खतरा अधिक रहता है। निरीक्षण के दौरान यह पाया गया कि एक्सप्रेस-वे के आसपास बने इन कटों के कारण ही निराश्रित पशु आसानी से हाइवे पर पहुंच जाते हैं। यातायात को गति देने के उद्देश्य से निर्मित गंगा एक्सप्रेस-वे का लगभग 45 किलोमीटर का हिस्सा शाहजहांपुर के जलालाबाद से होकर गुजरता है। करीब एक माह पहले, समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता राजपाल कश्यप ने एक्सप्रेस-वे पर निराश्रित गौवंश के झुंड का वीडियो साझा कर इस मुद्दे को उठाया था और सरकार से सवाल किए थे। उन्होंने इन पशुओं को हादसों का प्रमुख कारण बताया था। मंगलवार को एडीएम प्रशासन रजनीश मिश्रा ने जलालाबाद एसडीएम और यूपीडा अधिकारियों के साथ कई किलोमीटर के दायरे का निरीक्षण किया। चिन्हित किए गए पांच कटों के माध्यम से गौवंश एक्सप्रेस-वे पर प्रवेश कर जाते हैं और फिर बाहर नहीं निकल पाते, जिससे वे हाइवे पर घूमते रहते हैं। तेज रफ्तार वाहनों से टकराने पर एक साथ कई वाहनों के चपेट में आने का खतरा रहता है। एडीएम प्रशासन रजनीश मिश्रा ने बताया कि निराश्रित पशुओं की समस्या के मद्देनजर गंगा एक्सप्रेस-वे का निरीक्षण किया गया है। उन्होंने पुष्टि की कि हाइवे के आसपास लगे कटों से पशुओं के आने की संभावना है, और इसलिए यूपीडा को इन कटों को तत्काल बंद करने के निर्देश दिए गए हैं।
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