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सरकारी-स्कूल में टीचर पर शराब पीकर छात्राओं से मारपीट,VIDEO:प्रिंसिपल से शिकायत, वीडियो बनाने पर स्टूडेंट को जड़ा थप्पड़, कलेक्टर ने दिए जांच के निर्देश
छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिला के पंडित चक्रपाणी मल्टीपरपज स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट हिंदी माध्यम स्कूल में टीचर नरेश तिवारी पर छात्राओं से गाली-गलौज और मारपीट करने का आरोप लगा है। टीचर पर शराब के नशे में स्कूल पहुंचने का भी आरोप लगाया गया है। छात्रों ने जब टीचर के खिलाफ शिकायत करने की बात कही तो उसने स्टूडेंट्स स्टूडेंट्स फेल करने की धमकी दी। इसके बाद बच्चे अपने परिजनों के साथ टीचर की शिकायत करने प्रिंसिपल के पास पहुंचे। इसी दौरान कवरेज के लिए वहां पहुंचे मीडियाकर्मियों के साथ भी प्रिंसिपल का विवाद हो गया। उन्होंने मीडियाकर्मियों को अपने केबिन से बाहर जाने के लिए कहा। इस दौरान एक छात्र प्रिंसिपल और मीडियाकर्मियों के बीच हो रही बातचीत का वीडियो बना रहा था। प्रिंसिपल ने छात्र को वीडियो बनाने से मना किया और कहा, “दिस इज माय ऑर्डर।” छात्र के वीडियो बनाते रहने पर प्रिंसिपल ने उसे जोरदार तमाचा जड़ दिया। इधर, मामले की शिकायत के बाद कलेक्टर के निर्देश पर शिक्षा विभाग और प्रशासन की टीम ने स्कूल पहुंचकर जांच शुरू की। जांच के बाद पुलिस शिक्षक को मुलाहिजा के लिए अपने साथ ले गई। वहीं, मीडियाकर्मियों ने प्रिंसिपल पर बदसलूकी का आरोप लगाया और स्कूल के सामने धरने पर बैठ गए। हालांकि शिक्षक पर लगे आरोपों और घटना की पूरी स्थिति की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही होगी। अब जानिए पूरा मामला शिक्षक नरेश तिवारी बलौदाबाजार के पंडित चक्रपाणी मल्टीपरपज स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट हिंदी माध्यम स्कूल में व्याख्ता के पद पर पोस्टेड है और 11वीं और 12वीं के स्टूडेंट्स को साइंस पढ़ाता है। आरोप है कि शिक्षक नरेश तिवारी एक सप्ताह पहले शराब के नशे में स्कूल पहुंचे और छात्राओं के साथ गाली-गलौज और बदसलूकी की। विरोध करने पर उनके साथ मारपीट करने का भी आरोप लगाया गया है। छात्रों ने जब शिक्षक के खिलाफ शिकायत करने की बात कही तो आरोप है कि उसने उन्हें फेल करने की धमकी दी। इसके बाद स्टूडेंट्स अपने परिजनों के साथ शिक्षक की शिकायत करने प्रिंसिपल वंदनी श्रीवास्तव के पास पहुंचे। इसी दौरान मामले की कवरेज के लिए स्कूल पहुंचे मीडियाकर्मियों के साथ भी प्रिंसिपल का विवाद हो गया। उन्होंने मीडियाकर्मियों को अपने केबिन से बाहर जाने के लिए कहा। छात्र को वीडियो बनाने से रोका बताया गया कि प्रिंसिपल के केबिन में मीडियाकर्मियों और स्कूल प्रबंधन के बीच बातचीत चल रही थी। इसी दौरान एक छात्र इसका वीडियो बनाने लगा। प्रिंसिपल ने छात्र को वीडियो बनाने से मना किया और कहा, “दिस इज माय ऑर्डर।” आरोप है कि छात्र के वीडियो बनाते रहने पर प्रिंसिपल ने उसे जोरदार थप्पड़ मार दिया। इस घटना के बाद स्कूल में स्थिति और विवाद बढ़ गया। परिजनों के साथ शिकायत करने पहुंचे थे छात्र छात्रों और परिजनों का आरोप है कि शिक्षक के व्यवहार से परेशान होकर वे उसकी शिकायत करने प्रिंसिपल के पास पहुंचे थे। छात्रों का कहना है कि शिकायत करने की बात कहने पर शिक्षक ने उन्हें फेल करने की धमकी दी थी। शिक्षक पर पहले भी शराब पीकर स्कूल आने के आरोप लगाए जाने की बात सामने आई है। हालांकि, इन आरोपों की भी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। कलेक्टर के निर्देश पर जांच शुरू मामले की शिकायत प्रशासन तक पहुंचने के बाद कलेक्टर के निर्देश पर प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी, विकासखंड शिक्षा अधिकारी और तहसीलदार स्कूल पहुंचे। अधिकारियों ने विद्यार्थियों, परिजनों, स्कूल प्रबंधन और संबंधित शिक्षक से घटना के बारे में जानकारी ली। अधिकारियों की जांच के बाद पुलिस शिक्षक नरेश तिवारी को मुलाहिजा के लिए अपने साथ ले गई। शिक्षक की मेडिकल जांच और अन्य कार्रवाई के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि घटना के समय वह शराब के नशे में था या नहीं। पत्रकारों ने स्कूल के सामने दिया धरना मीडियाकर्मियों ने प्रिंसिपल पर बदसलूकी करने का आरोप लगाया। उनका कहना है कि उन्हें केबिन से बाहर जाने के लिए कहा गया और स्कूल परिसर में मीडिया के प्रवेश पर रोक की बात कही गई। इस दौरान प्रिंसिपल और मीडियाकर्मियों के बीच तीखी बहस भी हुई। पत्रकारों का कहना है कि स्कूल परिसर में मीडिया के प्रवेश पर रोक से संबंधित कोई लिखित आदेश या नियम उन्हें मौके पर नहीं दिखाया गया। प्रिंसिपल के व्यवहार के विरोध में मीडियाकर्मी स्कूल के सामने धरने पर बैठ गए। जांच के बाद ही साफ होगी पूरी स्थिति मामले में शिक्षक पर छात्राओं से गाली-गलौज और मारपीट, शराब के नशे में स्कूल आने और छात्रों को फेल करने की धमकी देने के आरोप लगाए गए हैं। वहीं, प्रिंसिपल पर छात्र को थप्पड़ मारने और मीडियाकर्मियों से बदसलूकी करने का आरोप है। इन सभी आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। प्रशासन की जांच में घटना की वास्तविक स्थिति, शिक्षक की हालत, छात्राओं के साथ मारपीट हुई या नहीं और शिकायत मिलने के बाद स्कूल प्रबंधन ने क्या कार्रवाई की, इन सभी बिंदुओं की जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही मामले की पूरी तस्वीर साफ होगी।
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