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डिलीवरी के दौरान नवजात का हाथ 2 टुकड़ों में टूटा:परिजन बोले- पहले हाथ तोड़ा, फिर भगा दिया; CMHO ने कहा- डॉक्टरों की लापरवाही नहीं
जबलपुर संभाग के सबसे बड़े लेडी एल्गिन अस्पताल पर नवजात का हाथ टूटने के बाद इलाज नहीं करने के गंभीर आरोप लगे हैं। मदार टेकरी निवासी अकीला बानो को शुक्रवार रात डिलीवरी के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था। देर रात उन्होंने एक बच्चे को जन्म दिया। उनके पति शाहरुख खान का आरोप है कि प्रसव के दौरान डॉक्टरों की लापरवाही से बच्चे का एक हाथ दो टुकड़ों में टूट गया। परिजनों के मुताबिक, अस्पताल प्रबंधन ने मामले की जिम्मेदारी लेने के बजाय बच्चे को निजी अस्पताल ले जाकर इलाज कराने की सलाह दी। अस्पताल में आर्थो के डॉक्टर नहीं हैं। इसके बाद परिवार बच्चे को निजी अस्पताल ले गया, जहां करीब एक घंटे में हाथ पर प्लास्टर चढ़ाया गया। शनिवार को जब बच्चे को दोबारा लेडी एल्गिन अस्पताल लाया गया तो परिजनों का आरोप है कि उसे भर्ती करने से मना कर दिया गया और कहा गया कि 24 घंटे बाद ही इलाज मिलेगा। इसके बाद परिवार ने अस्पताल पहुंचकर हंगामा किया। डॉक्टरों की लापरवाही से हाथ टूटने का आरोप बच्चे के परिजन रिजवान अली कोटी का आरोप है कि डॉक्टरों की लापरवाही के कारण जन्म के समय नवजात का हाथ दो टुकड़ों में टूट गया। उनका कहना है कि शनिवार को हाथ का इलाज करवाने के बाद जब बच्चे को लेडी एल्गिन अस्पताल लाया गया तो उसे भर्ती नहीं किया गया। रिजवान अली ने कहा कि अस्पताल की लापरवाही से नवजात का हाथ टूट गया, लेकिन अब कोई इसकी जिम्मेदारी लेने को तैयार नहीं है। डॉक्टरों की लापरवाही से टूटा हाथ बच्चे के परिजन रिजवान अली कोटी का कहना है कि डाक्टरों की लाररवाही के कारण एक मासूम का जन्म के समय हाथ दो टुकड़ों मे टूट गया। शनिवार को जब परिवार वाले हाथ का इलाज करवाने के बाद एल्गिन लेकर पहुंचे तो कहा गया कि अभी भर्ती नहीं कर सकते है। रिजवान अली ने बताया कि एल्गिन अस्पताल के लापरवाही से नवजात बच्चे का हाथ टूट गया और अब कोई जिम्मेदारी लेने को तैयार नहीं है। CMHO बोले- जच्चा और बच्चा दोनों की जान बचाई शनिवार शाम हंगामे की जानकारी मिलने के बाद मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी नवीन कोठारी ने डॉक्टरों की लापरवाही से इनकार किया। उन्होंने कहा कि समय रहते मां और बच्चे की जान बचाने के लिए ऑपरेशन किया गया था। CMHO के मुताबिक, लेडी एल्गिन अस्पताल में आर्थो के डॉक्टर नहीं हैं, क्योंकि यहां मुख्य रूप से डिलीवरी कराई जाती हैं। उन्होंने कहा कि बच्चे को भर्ती करने से मना नहीं किया गया था। परिवार से कहा गया था कि बच्चे का आर्थो संबंधी इलाज अभी आर्थो अस्पताल में ही कराया जाए। मां पहले से अस्पताल में भर्ती थी और खतरे से बाहर है। नवीन कोठारी ने बताया कि डिलीवरी के दौरान मां की बच्चादानी फंस गई थी। उसे भी सुरक्षित बचाया गया। फिलहाल मां और बच्चा दोनों सुरक्षित हैं।
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