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प्रिंसिपल सुनीत मित्र पांडेय को मिलेगा राज्य अध्यापक पुरस्कार:बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के स्कूल को 13 साल में बदला; सेना और सरकारी नौकरी में पहुंचे कई छात्र
उत्तर प्रदेश सरकार ने सोमवार देर शाम करीब 6 बजे राज्य अध्यापक पुरस्कार-2025 के लिए चयनित शिक्षकों के नामों की घोषणा कर दी। इसमें गोंडा के नवाबगंज स्थित प्राथमिक विद्यालय गोकुला के प्रधानाध्यापक सुनीत मित्र पांडेय का चयन हुआ है। सुनीत मित्र पांडेय वर्ष 2013 से इसी विद्यालय में कार्यरत हैं। उनकी तैनाती के समय स्कूल में संसाधनों की कमी थी और छात्र संख्या भी काफी कम थी। पिछले करीब 13 वर्षों में उन्होंने विद्यालय में कई बदलाव किए। वर्तमान में स्कूल में छात्र संख्या पहले के मुकाबले काफी बढ़ी है। गांव-गांव जाकर बच्चों को स्कूल लाए सुनीत मित्र पांडेय ने बताया कि विद्यालय बाढ़ प्रभावित और पिछड़े क्षेत्र में स्थित है। ऐसे में सबसे बड़ी चुनौती बच्चों को स्कूल तक लाना था। उन्होंने गांव-गांव जाकर अभिभावकों और बच्चों को शिक्षा के प्रति जागरूक किया। इसके बाद बच्चों का नामांकन कराया गया और स्कूल में उनकी संख्या लगातार बढ़ती गई। शिक्षक के मुताबिक, विद्यालय में पढ़ाई का बेहतर माहौल बनाने के साथ ही उपलब्ध संसाधनों को बढ़ाने पर भी काम किया गया। स्कूल को बनाया स्वच्छ और सुविधायुक्त सुनीत मित्र पांडेय के मुताबिक, जब उन्होंने विद्यालय में काम शुरू किया था, तब संसाधनों की कमी थी। धीरे-धीरे जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं। स्कूल को स्वच्छ और सुंदर बनाने के साथ बच्चों के लिए बेहतर शैक्षणिक वातावरण तैयार किया गया। उनका कहना है कि प्रयास यही रहा कि बच्चों को पढ़ाई के लिए किसी तरह की परेशानी न हो और उन्हें एक ऐसा माहौल मिले, जहां वे शिक्षा के साथ अन्य क्षेत्रों में भी आगे बढ़ सकें। सेना और सरकारी नौकरी में पहुंचे कई छात्र विद्यालय से पढ़कर निकले कई छात्र भारतीय सेना और अग्निवीर में चयनित हुए हैं। इसके अलावा कई पूर्व छात्र अलग-अलग सरकारी नौकरियों में कार्यरत हैं। विद्यालय के बच्चों ने खेलों में भी अपनी प्रतिभा दिखाई है। छात्रों ने जिला, मंडल और ब्लॉक स्तर की प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेकर कई पदक जीते हैं। पिता थे आदर्श शिक्षक, उनसे मिली प्रेरणा दैनिक भास्कर संवाददाता से फोन पर बातचीत में सुनीत मित्र पांडेय ने कहा कि उनके पिता भी आदर्श शिक्षक थे। उन्हीं से प्रेरणा लेकर उन्होंने विद्यालय और बच्चों के विकास के लिए लगातार काम किया। उन्होंने कहा कि यह उनके लिए बेहद गर्व का क्षण है। उन्होंने पुरस्कार के लिए चयन पर विभागीय अधिकारियों, शिक्षा विभाग से जुड़े शुभचिंतकों और अपने परिजनों का आभार जताया। शासन स्तर पर हुई थी बैठक सुनीत मित्र पांडेय ने बताया कि 14, 18 और 19 अगस्त को शासन स्तर पर इस संबंध में बैठक हुई थी। इसके बाद गोंडा से राज्य अध्यापक पुरस्कार के लिए उनके नाम का चयन किया गया। 5 सितंबर को लखनऊ में मिलेगा पुरस्कार गोंडा के जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अमित कुमार सिंह और अटेवा शिक्षक संघ के जिला अध्यक्ष अमर यादव ने सुनीत मित्र पांडेय को बधाई दी। उन्होंने कहा कि हर वर्ष गोंडा के किसी न किसी शिक्षक का इस पुरस्कार के लिए चयन होना जिले और शिक्षा विभाग के लिए गर्व की बात है। अच्छा काम करने वाले और पुरस्कार के लिए आवेदन करने वाले शिक्षकों के कार्यों का मूल्यांकन करने के बाद शासन स्तर से चयन किया जाता है। चयनित शिक्षकों को 5 सितंबर को लखनऊ में राज्य अध्यापक पुरस्कार-2025 प्रदान किया जाएगा।
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