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मिर्जापुर में साइबर ठगी गिरोह का भंडाफोड़, 4 आरोपी गिरफ्तार:बैंक खातों के जरिए करते थे लाखों की ठगी, सरकारी योजना का लालच देकर खुलवाते थे खाता
मिर्जापुर में साइबर क्राइम थाना, एसओजी और सर्विलांस की संयुक्त टीम ने ऑनलाइन ठगी करने वाले एक बड़े गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपी सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने का झांसा देकर लोगों के नाम पर बैंक खाते खुलवाते थे और फिर इन खातों का इस्तेमाल साइबर ठगी की रकम मंगाने के लिए करते थे। पुलिस के मुताबिक, गिरोह प्रतिदिन लाखों रुपये की ठगी को अंजाम दे रहा था। पुलिस के अनुसार, गिरोह के सदस्य भोले-भाले लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने का लालच देते थे। इसके बदले उन्हें कुछ रुपये देने का भरोसा दिया जाता था। लोगों के नाम पर बैंक खाते खुलवाने के बाद आरोपी चेकबुक, एटीएम कार्ड, पासबुक समेत अन्य बैंकिंग दस्तावेज अपने कब्जे में ले लेते थे। इसके बाद इन खातों का इस्तेमाल साइबर ठगी से हासिल रकम को मंगाने और उसे आगे ट्रांसफर करने में किया जाता था। ऑपरेशन 'साइबर ब्रज' के तहत साइबर क्राइम थाने में दर्ज शिकायतों की जांच के दौरान पुलिस ने इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस की मदद से संदिग्ध गतिविधियों का पता लगाया। जांच के आधार पर पुलिस टीम ने गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान आशीष कुमार सिंह (23) निवासी सहसपुरा, चुनार, कपिल देव भारद्वाज उर्फ मोनू (21) निवासी दीक्षितपुर, चुनार, युवराज सिंह उर्फ राजा (23) निवासी सहसपुरा, चुनार और आदर्श सिंह उर्फ मोनू (23) निवासी प्रतापपुर, अदलहाट के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 2 लैपटॉप, 9 मोबाइल फोन, एक सीपीयू, 9 चेकबुक, 8 एटीएम कार्ड, 7 पासबुक, 9 आधार कार्ड, एक ड्राइविंग लाइसेंस और एक वोटर आईडी कार्ड बरामद किया है। इसके अलावा आरोपियों के पास से टाटा हैरियर कार (UP 32 KW 8999) भी बरामद हुई है। पुलिस ने चारों आरोपियों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई करते हुए उन्हें न्यायालय के समक्ष पेश करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। साथ ही आरोपियों से पूछताछ कर गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों और साइबर ठगी के पूरे नेटवर्क के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।
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