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महिला अस्पताल में भर्ती करने में 9 घंटे की देरी:ऑपरेशन के बाद नवजात की मौत, परिजनों ने लगाया लापरवाही का आरोप
सीतापुर जिला महिला अस्पताल में प्रसव के लिए पहुंची प्रसूता की भर्ती में करीब नौ घंटे की देरी और समय पर सीजर न होने के चलते नवजात की मौत का मामला मंगलवार दोपहर करीब 3 बजे सामने आया है। मृतक नवजात के परिजनों ने अस्पताल के चिकित्सक डॉ. आरके सक्सेना पर लापरवाही का आरोप लगाया है। परिजनों का कहना है कि यदि समय रहते प्रसूता का ऑपरेशन कर दिया जाता तो नवजात की जान बचाई जा सकती थी। वहीं अस्पताल स्टाफ पर अभद्रता करने का भी आरोप लगाया गया है। मामला खैराबाद थाना क्षेत्र के मासूमपुर गांव निवासी प्रीति पत्नी रितेश राजपूत से जुड़ा है। रितेश के अनुसार वह 8 अगस्त को अपनी पत्नी को प्रसव के लिए जिला महिला अस्पताल लेकर पहुंचे थे। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल पहुंचने के बाद भी प्रसूता को करीब नौ घंटे तक भर्ती नहीं किया गया। इस दौरान वह अस्पताल में ही इलाज और भर्ती की प्रक्रिया पूरी होने का इंतजार करते रहे। परिजनों का आरोप है कि प्रसूता की हालत को देखते हुए समय रहते सीजर की आवश्यकता थी, लेकिन भर्ती में देरी के कारण प्रक्रिया समय से शुरू नहीं हो सकी। करीब नौ घंटे बाद प्रसूता का सीजर किया गया। सीजर के बाद बच्चे का जन्म हुआ, लेकिन नवजात की हालत गंभीर थी और कुछ ही समय बाद उसकी मौत हो गई। बच्चे के पिता रितेश राजपूत का आरोप है कि इस दौरान अस्पताल के चिकित्सक डॉ. आरके सक्सेना ने ऑपेशन के नाम पर उनसे 3500 रुपये भी लिए। परिजनों ने अस्पताल स्टाफ पर उनके साथ अभद्रता करने का भी आरोप लगाया है। परिजनों का कहना है कि समय रहते प्रसूता को भर्ती कर ऑपरेशन किया जाता तो शायद बच्चे की जान बच सकती थी। नवजात की मौत के बाद परिवार में मातम छा गया है। परिजनों ने मामले की जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
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