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जहर खाने वाली खरखौदा की युवती ने पलटा अपना बयान:बोली- चार साल से अरमान से रिलेशन, उससे शादी करूंगी, पुलिस ने दिलाए झूठे बयान
मेरठ में मुस्लिम युवक से परेशान होकर जहरीला पदार्थ खाने वाली युवती के मामले में सोमवार को अचानक नया मोड़ आ गया। युवती एसएसपी ऑफिस पहुंची और पहले सामने आई पूरी कहानी को झूठा बताते हुए अपने बयान से पलट गई। युवती ने आरोप लगाया कि परिवार और खरखौदा पुलिस ने उसे डरा-धमकाकर अरमान के खिलाफ बयान दिलवाए थे। उसने परिवार से परेशान होकर जहर खाया था और उसके चाचा ने ही उसे मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया था। वह पिछले चार साल से अरमान के साथ रिलेशन में है और उसी से शादी करना चाहती है। उसने अरमान पर लगाए गए सभी आरोपों को गलत बताया। युवती ने एसएसपी से अपनी सुरक्षा की गुहार लगाते हुए आशंका जताई कि यदि वह वापस घर गई तो परिजन उसकी हत्या कर सकते हैं। एसएसपी ऑफिस पहुंची युवती ने बताया कि वह अनुसूचित जाति से है और बीए की पढ़ाई कर रही है। वह पिछले चार साल से गांव के ही अरमान के साथ रिलेशन में है। परिवार को जब दोनों के रिश्ते की जानकारी हुई तो उन्होंने विरोध शुरू कर दिया। घर में आए दिन विवाद होने लगा। युवती ने बताया कि 21 जुलाई को मां से विवाद के बाद उसने जहरीले पदार्थ का सेवन कर लिया। हालत बिगड़ने पर उसके चाचा ने उसे अस्पताल में भर्ती कराया। बयान के लिए दबाव बनाने का आरोप युवती का आरोप है कि अस्पताल में उपचार के दौरान होश में आने पर खरखौदा पुलिस वहां पहुंची। पुलिस उसके परिवार के कहने पर उस पर दबाव बनाने लगी। युवती ने दावा किया कि उसे इतना डराया और टॉर्चर किया गया कि वह पूरी तरह सहम गई। इसके बाद उसने अपनी इच्छा के विपरीत अरमान के खिलाफ बयान दे दिए। बोली- अरमान पर लगे आरोप गलत युवती ने कहा कि अरमान पर लगाए गए सभी आरोप पूरी तरह गलत हैं। अरमान कोई दूसरी शादी नहीं कर रहा था और न ही उसने अरमान से परेशान होकर जहरीला पदार्थ खाया था। उसने स्पष्ट किया कि वह परिवार के विरोध और घर में लगातार हो रहे विवाद से परेशान थी। थाने बुलाकर धमकाने का आरोप युवती ने आरोप लगाया कि अस्पताल से घर लौटने के बाद भी उसे खरखौदा थाने बुलाया गया। वहां भी उसे डराया-धमकाया गया। युवती का कहना है कि वह खुद कोर्ट में जाकर अपना बयान देना चाहती थी, लेकिन पुलिस ने उसे ऐसा नहीं करने दिया। दरोगा पर लगाए गंभीर आरोप उसने खरखौदा थाने के एक दरोगा पर भी गंभीर आरोप लगाए। बोली- उसके नाम से जो बयान दर्ज किए गए, उन्हें दरोगा ने खुद लिखकर दिया था और उसे वही बयान बोलने के लिए मजबूर किया था। उसे धमकी दी गई थी कि यदि उसने पुलिस के कहे अनुसार बयान नहीं दिया तो उसे मारकर फेंक देंगे। घर में बंधक बनाकर रखने का दावा युवती ने बताया कि अस्पताल से लौटने के बाद परिवार वालों ने उसे घर में बंधक बनाकर रखना शुरू कर दिया। उसका कहना है कि वह अरमान से शादी करना चाहती है, लेकिन परिवार इसके लिए तैयार नहीं है। किसी तरह वह घर से निकलकर एसएसपी ऑफिस पहुंची है। उसने एसएसपी से कहा कि उसे अपने परिवार से जान का खतरा है। यदि वह वापस घर जाती है तो परिजन उसकी हत्या कर सकते हैं। बयान बदलने से बदली मामले की दिशा युवती के सोमवार को एसएसपी ऑफिस पहुंचकर अपने पहले बयान को गलत बताए जाने के बाद पूरे मामले की दिशा बदल गई है। पहले जहां मुस्लिम युवक अरमान पर युवती को परेशान करने और अन्य आरोप लगाए जाने की बात सामने आई थी, वहीं अब युवती खुद इन आरोपों से इनकार कर रही है। उसने पुलिस और परिवार पर दबाव बनाकर बयान दिलवाने का आरोप लगाया है। युवती को दिलाया न्याय का भरोसा अब पुलिस के सामने यह जांच का विषय है कि युवती ने पहले बयान किन परिस्थितियों में दिए थे और सोमवार को लगाए गए पुलिस व परिवार पर दबाव के आरोप कितने सही हैं। युवती की ओर से लगाए गए आरोपों की भी जांच की जाएगी। अब सवाल यह भी है कि जिस थाने की पुलिस पर वह आरोप लग रहा है, क्या वह निष्पक्ष जांच कर पाएगी।
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