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फर्जी एस्कॉर्ट सर्विस ठगी गिरोह का भंडाफोड़:लग्जरी कार, 40 सिम, 9 ATM कार्ड, 40 हजार कैश बरामद; 2 आरोपी गिरफ्तार
डूंगरपुर में साइबर थाना पुलिस ने फर्जी एस्कॉर्ट सर्विस के नाम पर साइबर ठगी करने वाले गिरोह का खुलासा किया है। पुलिस ने 2 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। साथ ही इनके कब्जे से 40 सिम कार्ड, अलग-अलग लोगों के नाम के 5 एटीएम कार्ड, आरोपियों के 4 एटीएम कार्ड, 4 एंड्रॉयड मोबाइल, बैंक चेकबुक-पासबुक, पैन कार्ड, बैंकिंग दस्तावेज, 40 हजार रुपए से ज्यादा कैश और एक लग्जरी कार जब्त की है। एमपी से मंगवाते थे सिम कार्ड एसपी मनीष कुमार ने बताया कि आरोपी पिछले 3-4 सालों से फर्जी एस्कॉर्ट सर्विस के नाम पर साइबर ठगी कर रहे थे। पूछताछ में सामने आया कि आरोपी सागर, मध्यप्रदेश से अन्य लोगों के माध्यम से सिम कार्ड मंगवाते थे। इन सिम को एक्टिवेट करवाकर साइबर ठगी में इस्तेमाल किया जाता था। प्रत्येक सिम कार्ड के बदले करीब 900 से 1 हजार ऑनलाइन भुगतान करते थे। नाकाबंदी में भागने की कोशिश की साइबर थाना पुलिस को संदिग्ध सिम कार्ड और बैंक खातों की खरीद-फरोख्त से जुड़े लोगों की सूचना मिली थी। इसके बाद पुलिस निरीक्षक मुकेश कुमार के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। टीम ने मुखबिर की सूचना पर निगरानी और नाकाबंदी शुरू की। इसी दौरान आसपुर-डूंगरपुर रोड पर किया लग्जरी कार आती दिखाई दी। पुलिस ने कार को रोकने का इशारा किया तो ड्राइवर ने बैरिकेडिंग से दूर कार रोककर रिवर्स लेकर भागने का प्रयास किया। पुलिस टीम ने पीछा कर कार को रोक लिया। तलाशी लेने पर कार में ड्राइवर समेत दो युवक मिले। पूछताछ में 3-4 साल से ठगी करना कबूला पुलिस ने कार सवार भावेश पुत्र भाणजी पाटीदार (26) और मुकेश पुत्र वेलजी पाटीदार (25), निवासी पचालसा बड़ा डूंगरपुर को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में दोनों ने अन्य साथियों के साथ मिलकर पिछले 3-4 सालों से फर्जी एस्कॉर्ट सर्विस के नाम पर साइबर ठगी करना कबूल किया। आरोपियों ने बताया कि वे सागर, मध्यप्रदेश से अन्य व्यक्तियों के जरिए सिम कार्ड मंगवाते थे। इन सिम को एक्टिवेट करवाने के बाद साइबर ठगी के लिए इस्तेमाल किया जाता था। पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और सिम उपलब्ध कराने वाले व्यक्तियों की भूमिका की जांच कर रही है।
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