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DM ने ओवरब्रिज सितंबर तक पूरा करने का दिया अल्टीमेटम:सीतामढ़ी में 18 साल पहले शुरू हुआ प्रोजेक्ट, 2025 की डेडलाइन भी क्रॉस
सीतामढ़ी के मेहसौल ओवरब्रिज परियोजना एक बार फिर सुर्खियों में है। वर्षों से निर्माण की समयसीमा बढ़ती रही है और कई बार काम रुकने के बाद अब परियोजना ने दोबारा गति पकड़ी है। गुरुवार को जिलाधिकारी रिची पाण्डेय ने निर्माण स्थल का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों और निर्माण एजेंसी को शेष कार्य हर हाल में निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरा करने का निर्देश दिया। डीएम ने सितंबर तक बचे हुए अधिकांश कार्यों को पूरा करने का अल्टीमेटम दिया है। काम में तेजी लाने का निर्देश दिया दरअसल, मेहसौल रेलवे ओवरब्रिज निर्माण की स्वीकृति वर्ष 2008 में मिली थी, जिसके बाद काम शुरू हुआ था। तब से यह परियोजना कई उतार-चढ़ाव से गुजरी है। कभी निर्माण की रफ्तार धीमी हुई तो कभी विभिन्न कारणों से काम अधर में लटक गया। निर्माण पूरा होने की तारीख भी लगातार आगे बढ़ती रही। परियोजना को वर्ष 2025 में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन विधानसभा चुनाव बीत जाने के बाद भी ओवरब्रिज पूरी तरह तैयार नहीं हो सका। हालांकि, अब एक बार फिर निर्माण कार्य में तेजी दिखाई दे रही है। गुरुवार को निरीक्षण के दौरान डीएम ने निर्माण की गुणवत्ता, गति, अतिक्रमण, जलजमाव और सुरक्षा मानकों की समीक्षा की। उन्होंने एजेंसी को मैनपावर और मशीनरी बढ़ाकर काम में तेजी लाने का निर्देश दिया। लोगों की नजर सितंबर की नई डेडलाइन पर डीएम ने स्पष्ट किया कि निर्माण में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और प्रतिदिन कार्य की मॉनिटरिंग की जाएगी। डीएम ने रेलवे की ओर से बनाए जा रहे हिस्से का भी निरीक्षण किया। अधिकारियों ने बताया कि रेलवे से जुड़े तीन स्पैन को छोड़कर अन्य कार्य सितंबर तक पूरा करने का लक्ष्य है। रेलवे द्वारा लॉन्चिंग किए जाने के बाद बगल के तीनों स्पैन का निर्माण तीन महीने के भीतर पूरा किया जाना है। फिलहाल सुपर स्ट्रक्चर से जुड़े बेयरिंग कोट, एक्सपेंशन जॉइंट, क्रैश बैरियर और आरई वॉल का काम चल रहा है। अब लोगों की नजर सितंबर की नई समयसीमा पर है। सालों से अधर में लटकी इस महत्वपूर्ण परियोजना को लेकर प्रशासन का यह अल्टीमेटम कितना असरदार साबित होता है, यह आने वाले दिनों में स्पष्ट होगा।
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