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वर्दी का रौब नहीं, कर्तव्य, विवेक से जीतें जनता का भरोसा, CJI सूर्यकांत ने बताया पुलिसिंग का मंत्र
मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि पुलिस की जिम्मेदारी उस समय से शुरू नहीं होती जब अपराध हो चुका हो, भीड़ जमा हो गई हो या कोई आपात स्थिति पैदा हो गई हो। इसकी शुरुआत इससे बहुत पहले हो जाती है।
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