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उमर के काफिले की दो कारें बरामद:हटवा गांव का प्रधानपति ले गया था मांगकर, प्रतापगढ़ पुलिस ने प्रयागराज से पकड़ा
अतीक अहमद के बेटे उमर अहमद को आठ अगस्त को लखनऊ जेल से प्रयागराज लाने के दौरान उसके काफिले के पीछे चल रही गाड़ियों से जुड़े टोल विवाद में प्रतापगढ़ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। हथिगवां थाना क्षेत्र के अख्तियारी कोटिला टोल प्लाजा पर टोल टैक्स दिए बिना बैरियर तोड़ने और कर्मचारियों से गाली-गलौज व धमकी देने के मामले में पुलिस ने प्रयागराज से दो स्कॉर्पियो बरामद की हैं। दोनों गाड़ियों के मालिकों से पूछताछ के बाद पुलिस अब हटवा गांव के प्रधानपति सिबली की तलाश कर रही है। एक फाफामऊ, दूसरी कसारी मसारी में मिली एसपी प्रतापगढ़ दीपक भूकर ने बताया कि पुलिस को सूचना मिली थी कि टोल प्लाजा की घटना में शामिल दोनों गाड़ियां प्रयागराज में मौजूद हैं। एक गाड़ी फाफामऊ और दूसरी कसारी क्षेत्र में होने की जानकारी मिली थी। इसके बाद प्रतापगढ़ पुलिस की टीम प्रयागराज पहुंची और दोनों गाड़ियों को बरामद कर लिया। पुलिस के मुताबिक, बरामद गाड़ियों में से एक मोहम्मद लईक निवासी रुद्रपुर मालक, हरहर फाफामऊ के नाम से बताई जा रही है, जबकि दूसरी गाड़ी मोहम्मद विक्की निवासी नया पुरवा, करेली की है। दोनों स्कॉर्पियो आठ अगस्त को उमर अहमद को लखनऊ जेल से प्रयागराज लाए जाने के दौरान सरकारी वाहन के पीछे चल रहे काफिले का हिस्सा थीं। टोल प्लाजा पर हुआ था विवाद हथिगवां थाना क्षेत्र के अख्तियारी कोटिला टोल प्लाजा के प्रबंधक मोहम्मद इसहाक ने पुलिस को दी तहरीर में बताया था कि आठ अगस्त की दोपहर करीब 3:04 बजे उमर अहमद का काफिला लखनऊ की ओर से प्रयागराज जा रहा था। सरकारी वाहन के पीछे चल रही थार पहुंची। आरोप है कि थार चालक ने टोल बैरियर के पास गाड़ी रोककर बिना टोल दिए बैरियर खोलने को कहा। कर्मचारी प्रतीक पांडेय ने टोल शुल्क जमा करने के लिए कहा तो वाहन सवारों ने गाली-गलौज शुरू कर दी। आरोप है कि कर्मचारी को गाड़ी से कुचलकर खत्म करने की धमकी भी दी गई। तहरीर के अनुसार, इसके बाद चालक ने कथित तौर पर टोल बैरियर तोड़ते हुए कर्मचारियों पर गाड़ी चढ़ाने का प्रयास किया। कर्मचारी ने भागकर अपनी जान बचाई। वाहन सवारों ने जाते समय कथित तौर पर कहा कि वे भी उमर अहमद के काफिले के साथ जा रहे हैं और उसके लड़के की मिट्टी में प्रयागराज जा रहे हैं। पीछे से आई स्कॉर्पियो ने भी नहीं दिया टोल थार के पीछे लेन नंबर चार से काले रंग की स्कॉर्पियो समेत अन्य वाहन टोल प्लाजा पर पहुंचे। आरोप है कि स्कॉर्पियो सवारों ने भी टोल टैक्स मांगने पर कर्मचारियों से गाली-गलौज और धमकी दी और बिना टोल दिए बैरियर पार कर गए। टोल प्रबंधक ने घटना की जानकारी अधिकारियों को देने के बाद नौ अगस्त को हथिगवां थाने में तहरीर दी। इसके आधार पर पुलिस ने गाली-गलौज, धमकी, सरकारी कार्य में बाधा डालने और टोल बैरियर तोड़ने समेत संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया। गाड़ियों के मालिकों ने बताई सिबली की भूमिका एसपी प्रतापगढ़ ने बताया कि पूछताछ में दोनों स्कॉर्पियो के मालिकों ने बताया कि उनकी गाड़ियां हटवा गांव के प्रधानपति सिबली मांगकर ले गया था। इसके बाद दोनों गाड़ियां उमर अहमद के काफिले के पीछे प्रयागराज गई थीं। पुलिस अब सिबली की तलाश कर रही है और उससे यह जानने का प्रयास किया जा रहा है कि गाड़ियों को किस उद्देश्य से लिया गया था और काफिले में उनके साथ कौन-कौन लोग मौजूद थे। करीब एक दर्जन मुकदमे, पुरामुफ्ती का हिस्ट्रीशीटर पुलिस के मुताबिक, हटवा गांव का प्रधानपति सिबली आपराधिक गतिविधियों के चलते पहले से पुलिस के रडार पर है। उसके खिलाफ करीब एक दर्जन मुकदमे दर्ज बताए जा रहे हैं और वह पुरामुफ्ती थाने का हिस्ट्रीशीटर है। अतीक अहमद और अशरफ की हत्या के बाद दिसंबर 2023 में पुरामुफ्ती क्षेत्र में करोड़ों रुपये की कथित वक्फ संपत्ति को फर्जीवाड़ा कर बेचने के मामले में भी सिबली को नामजद किया गया था। इस मामले में अशरफ के बड़े साले जैद मास्टर समेत अन्य लोगों के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज हुआ था। पुलिस अब काफिले से जुड़ी कड़ियां जोड़ रही दोनों स्कॉर्पियो की बरामदगी के बाद प्रतापगढ़ पुलिस अब पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि टोल प्लाजा पर पहुंचने वाले वाहनों में कौन-कौन लोग सवार थे, अन्य गाड़ियां किसके निर्देश पर काफिले में शामिल हुई थीं और टोल बैरियर तोड़ने की घटना में उनकी क्या भूमिका थी। बरामद दोनों वाहनों के आधार पर पुलिस आगे की जांच और पूछताछ कर रही है।
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