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उचित मूल्य दुकान में फर्जीवाड़ा, जांच में अनियमितताएं मिलीं:कलेक्टर के निर्देश के बाद भी विक्रेता पर कार्रवाई नहीं हुई
ग्रामीण सोमवार को मऊगंज स्थित एसडीएम कार्यालय पहुंचे और सेवा सहकारी समिति मर्यादित बन्नई के अंतर्गत शासकीय उचित मूल्य की दुकान अल्हौवा के विक्रेता एवं सहायक प्रभारी राजकुमार कुशवाहा के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। ग्रामीणों का आरोप है कि कलेक्टर के निर्देश पर हुई जांच में खाद्यान्न की कालाबाजारी, फर्जी कर्ज और फर्जी धान पंजीयन से जुड़े मामले सामने आए हैं, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। ग्राम बन्नई निवासी बृजेश पटेल सहित अन्य किसानों ने कलेक्टर को दिए आवेदन में आरोप लगाया है कि उचित मूल्य दुकान अल्हौवा क्रमांक 2507060 में करीब 1 लाख 58 हजार 570 रुपए के खाद्यान्न की कालाबाजारी की गई। इसके अतिरिक्त, जगदीश कुशवाहा के नाम 24,247 रुपए, राजेश द्विवेदी के नाम 17,700 रुपए और भूपति पटेल के नाम 1 लाख 17 हजार रुपए का फर्जी कर्ज दर्ज किया गया है। आवेदन में यह भी आरोप लगाया गया है कि राजकुमार कुशवाहा ने अपने पिता भैयालाल कुशवाहा, भाई रमाकांत कुशवाहा, चाचा लवकुश कुशवाहा और परिचित निखिल पटेल के नाम पर फर्जी धान पंजीयन कराया है। ग्रामीणों के अनुसार, कलेक्टर के निर्देश पर एसडीएम मऊगंज, कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी और नायब तहसीलदार नईगढ़ी की एक टीम ने मामले की जांच की थी। शिकायतकर्ताओं का दावा है कि जांच में कई अनियमितताएं सामने आईं, लेकिन विक्रेता के खिलाफ अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कार्रवाई लंबित होने के बावजूद राजकुमार कुशवाहा द्वारा खाद-बीज का वितरण किया जा रहा है। उन्होंने एसडीएम से मामले में तत्काल कार्रवाई करते हुए विक्रेता एवं सहायक प्रभारी को पद से हटाने की मांग की है। एसडीएम कार्यालय पहुंचे ग्रामीणों ने कार्रवाई में हो रही देरी पर नाराजगी भी व्यक्त की।
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