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धमतरी में 42 लाख का चेकडेम पहली बारिश में ढहा:ग्रामीणों ने तकनीकी मानकों की अनदेखी का आरोप लगाया, कलेक्टर ने जारी कराया शो-कॉज नोटिस
धमतरी जिले के हरदी गांव में वाटरशेड परियोजना के तहत करीब 42 लाख रुपए की लागत से बन रहा चेकडेम पहली बारिश में ही क्षतिग्रस्त हो गया। निर्माण पूरा होने से पहले ही चेकडेम का एक हिस्सा ढहने से इसकी गुणवत्ता पर सवाल उठने लगे हैं। मौके पर निर्माण सामग्री बिखरी मिली, जबकि चेकडेम का एक हिस्सा दबा हुआ और क्षतिग्रस्त नजर आया। ग्रामीणों का आरोप है कि तेज बारिश के बहाव को चेकडेम झेल नहीं सका और निर्माण का हिस्सा टूट गया। ग्रामीणों ने निर्माण में तकनीकी मानकों का पालन नहीं करने और प्रशिक्षित राजमिस्त्री के बजाय मजदूरों से काम कराने का आरोप लगाया है। 200 से 250 एकड़ जमीन को मिलना था फायदा हरदी के सरपंच मनोहर लाल ध्रुव के अनुसार, वाटरशेड परियोजना के तहत बनाया जा रहा यह चेकडेम करीब 200 से 250 एकड़ कृषि भूमि से जुड़े किसानों के लिए गर्मी में पानी उपलब्ध कराने और भूजल स्तर बनाए रखने के उद्देश्य से बनाया जा रहा है। अभी निर्माण कार्य करीब 60 से 70 प्रतिशत ही पूरा हुआ था। ग्रामीणों का कहना है कि चेकडेम के बेस और कंक्रीट के काम में पर्याप्त मजबूती नहीं रखी गई। पंच साधुराम साहू के मुताबिक ग्रामीणों ने नीचे पर्याप्त खुदाई कर पत्थर बैठाने और मजबूत आधार तैयार करने की सलाह दी थी, लेकिन इसे नजरअंदाज किया गया। पूर्व सरपंच ने भी उठाए निर्माण पर सवाल पूर्व सरपंच सोमनाथ साहू ने आरोप लगाया कि निर्माण प्रक्रिया में उचित नाप-जोख और तकनीकी मानकों का पालन नहीं किया गया। उन्होंने प्रशिक्षित राजमिस्त्री की जगह मजदूरों से काम कराने का भी आरोप लगाया। उनका कहना है कि चेकडेम किसानों के लिए महत्वपूर्ण था, इसलिए इसकी गुणवत्ता की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई होनी चाहिए। सरपंच मनोहर लाल ध्रुव ने बताया कि चेकडेम का हिस्सा क्षतिग्रस्त होने के बाद संबंधित व्यक्ति ने इसे दोबारा बनाने की बात कही है। उन्होंने यह भी कहा कि काम कृषि विभाग के अंतर्गत आता है और विभाग की ओर से इसे पूरा कराने की बात कही गई है। कलेक्टर ने जारी कराया शो-कॉज नोटिस मामले में धमतरी कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने कहा कि हरदी में डब्ल्यूएमपी का कार्य चल रहा है और शिकायत प्राप्त हुई है। पहली बारिश में निर्माण की गुणवत्ता को लेकर शिकायत सामने आने पर संबंधित व्यक्ति को शो-कॉज नोटिस जारी किया गया है। कलेक्टर ने कहा कि जांच में यदि निर्माण कार्य में गंभीर खामियां या लापरवाही सामने आती है तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। जरूरत पड़ने पर ब्लैकलिस्ट करने की कार्रवाई भी की जा सकती है। इंजीनियर की जगह सर्वेयर से कार्य कराए जाने के सवाल पर भी उन्होंने जांच के बाद नियमानुसार कार्रवाई की बात कही है।
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