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Sweety Patel: एक पुलिस अफसर, दो शादियां और फिर पत्नी की हत्या... स्वीटी पटेल केस में कोर्ट ने आरोपी को सुनाई खौफनाक सजा
Sweety Patel Murder Case: एक पुलिस अधिकारी, जिसे कानून और लोगों की सुरक्षा की जिम्मेदारी दी गई थी, वही अपनी पत्नी की हत्या का आरोपी बन गया. गुजरात का चर्चित स्वीटी पटेल हत्याकांड एक बार फिर चर्चा में है. करजन कोर्ट ने मामले में मृतका स्वीटी पटेल के पति और तत्कालीन पुलिस निरीक्षक अजय देसाई को उम्रकैद की सजा सुनाई है. वहीं, हत्या की साजिश और सबूत मिटाने में मदद करने के आरोपी किरीटसिंह जडेजा को 5 साल की जेल की सजा मिली है. यह मामला सिर्फ हत्या तक सीमित नहीं रहा. हत्या के बाद शव को ठिकाने लगाने की कोशिश, सबूत मिटाने की कोशिश और करीब 49 दिनों तक मामले की गुत्थी का न सुलझना इस केस को बेहद गंभीर बनाता है. कौन थीं स्वीटी पटेल? स्वीटी पटेल गुजरात के आणंद जिले के उमरेठ तालुका स्थित पंसोरा गांव की रहने वाली थीं. उन्होंने गांव के ही हेतस पांड्या से प्रेम विवाह किया था. इस शादी से उनके दो बेटे हुए. हालांकि, साल 2014 में दोनों ने आपसी सहमति से तलाक ले लिया. इसके बाद साल 2015 में स्वीटी की मुलाकात PSI अजय देसाई से हुई. दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं और प्यार हो गया. साल 2016 में दोनों ने रूपाल के एक मंदिर में गंधर्व विवाह किया. साल 2019 में स्वीटी और अजय के इस रिश्ते में एक बेटे का जन्म हुआ. लेकिन दोनों के रिश्ते में लगातार तनाव बना रहा. शादी बनी रिश्ते में तनाव की वजह अजय देसाई ने साल 2017 में अपने समाज की एक दूसरी युवती से कानूनी तौर पर शादी कर ली थी. यही बात स्वीटी और अजय के बीच विवाद की बड़ी वजह बन गई. स्वीटी चाहती थीं कि अजय उनके साथ हुए विवाह को सार्वजनिक रूप से स्वीकार करे. इसी मुद्दे को लेकर दोनों के बीच अक्सर विवाद होता था. जांच के मुताबिक, यही तनाव आगे चलकर हत्या की वजह बना. 4 जून की रात क्या हुआ? मामला 4 जून 2021 की आधी रात का है. करजन की प्रयोशा सोसाइटी में अजय देसाई और स्वीटी के बीच जोरदार बहस हुई. आरोप है कि बहस के दौरान अजय ने स्वीटी का गला दबा दिया, जिससे उनकी मौत हो गई. हत्या के बाद भी मामला खत्म नहीं हुआ. अगले दिन यानी 5 जून को अजय ने स्वीटी के शव को चादर में लपेटा और उसे अपनी जीप में रखकर भरूच की ओर ले गया. आरोप है कि दहेज के पास अटाली इलाके में उसने शव को जला दिया. 49 दिन बाद खुला हत्या का राज़ 5 जून 2021 की स्वीटी के लापता होने की शिकायत पुलिस में दर्ज कराई गई थी. शुरुआत में इसे गुमशुदगी का मामला माना गया. लेकिन बाद में अहमदाबाद क्राइम ब्रांच और ATS की जांच आगे बढ़ी और करीब 49 दिन बाद इस पूरे मामले का खुलासा हुआ. जांच के दौरान पुलिस को कई अहम सुराग मिले. घर से खून के धब्बे मिले. जिस जगह शव जलाए जाने की बात सामने आई, वहां से हड्डियों के अवशेष, दांत और गहने बरामद किए गए. इसके अलावा मोबाइल लोकेशन, सीसीटीवी फुटेज, कॉल डिटेल, WhatsApp चैट और दूसरे डिजिटल सबूतों ने भी जांच को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई. जांच में सामने आया किरीटसिंह जडेजा का नाम मामले की जांच के दौरान कांग्रेस नेता किरीटसिंह जडेजा का नाम भी सामने आया. उन पर हत्या के बाद शव को ठिकाने लगाने और सबूत मिटाने में मदद करने का आरोप लगाया गया. अहमदाबाद क्राइम ब्रांच ने बाद में करजन कोर्ट में 1290 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की. इसमें 100 से ज्यादा गवाहों के बयान, फॉरेंसिक सबूत, डिजिटल डेटा और दूसरे दस्तावेज शामिल थे. लंबी सुनवाई के बाद करजन कोर्ट ने उपलब्ध सबूतों और गवाहों के आधार पर तत्कालीन पुलिस निरीक्षक अजय देसाई को उम्रकैद की सजा सुनाई. वहीं, सह-आरोपी किरीटसिंह जडेजा को 5 साल की जेल की सजा दी गई. कोर्ट ने मामले को गंभीर मानते हुए मुख्य आरोपी को कड़ी सजा सुनाई. अजय देसाई ने पुलिस अधिकारी होने के बावजूद एक बंद घर के अंदर अपनी पत्नी की हत्या की. स्वीटी पटेल हत्याकांड में अदालत का फैसला ऐसे मामले में आया है, जिसमें एक महिला के लापता होने से शुरू हुई जांच आखिरकार हत्या, शव को जलाने और सबूत मिटाने की कोशिश तक पहुंची. करीब पांच साल बाद आए इस फैसले में मुख्य आरोपी को उम्रकैद और सह-आरोपी को पांच साल की सजा सुनाई गई है.
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