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श्रमिकों को रोजगार देने में राजस्थान पहले स्थान पर रहा:वीबी-जी राम जी योजना में अगस्त तक 8.59 लाख को रोजगार मिला
विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार आजीविका मिशन (ग्रामीण) यानी वीबी-जी राम जी योजना लागू होने के बाद राजस्थान श्रमिकों को रोजगार देने क मामले में देश में पहले स्थान पर है। 1 जुलाई से शुरू हुई योजना के तहत 10 अगस्त तक प्रदेश में 77 हजार 814 कामों के लिए 8.59 लाख श्रमिकों को रोजगार दिया जा चुका है। पिछले साल इस दौरान महात्मा गांधी नरेगा के तहत 6.37 लाख श्रमिकों को रोजगार मिला था। यानी इस बार 2.22 लाख ज्यादा श्रमिकों को काम मिला है। नई योजना में कुशल और अर्द्धकुशल श्रमिकों को भी शामिल किया गया है। पहले नरेगा में श्रमिकों का भुगतान सामग्री मद से किया जाता था। सामग्री मद में राशि उपलब्ध नहीं होने पर भुगतान में देरी की स्थिति बनती थी। अब इन्हें श्रम मद में शामिल करने से भुगतान प्रक्रिया आसान होने की उम्मीद है। योजना के लिए 12,636 करोड़ का प्रावधान फाइनेंशियल ईयर 2026-27 में वीबी–जी राम जी योजना के लिए कुल 12,636.44 करोड़ रुपए के बजट का प्रावधान रखा गया है। इसमें केंद्र सरकार की ओर से 7,581.87 करोड़ और राज्य सरकार की ओर से 5,054.57 करोड़ रुपए शामिल है। योजना के तहत चार श्रेणियों में 318 प्रकार के काम कराए जा रहे हैं। जो मनरेगा में 266 प्रकार के काम करवाए जाते थे। जुलाई से सितंबर के लिए श्रम मद में 2,105.89 करोड़, सामग्री मद में 1,403.93 करोड़ और प्रशासनिक मद में 280.78 करोड़ रुपए की अग्रिम राशि जारी की जा चुकी है। हर पंचायत को औसतन 12.4 लाख की राशि सामग्री मद में प्रत्येक ग्राम पंचायत को औसतन 12.4 लाख रुपए की अग्रिम राशि जारी की गई है। इससे पंचायत स्तर पर विकास कार्यों के संचालन और समय पर भुगतान में मदद मिलेगी। योजना में प्रशासनिक खर्च की सीमा भी 6% से बढ़ाकर 9% कर दी गई है।
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