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शिया पीजी कॉलेज में नए छात्रों का ओरिएंटेशन:प्राचार्य ने युवाओं को देश की अर्थव्यवस्था का ड्राइविंग फोर्स बताया
शिया पीजी कॉलेज के कैंपस में सोमवार को अलग ही रौनक देखने को मिली। मौका था बीकॉम प्रथम सेमेस्टर (सत्र 2026-27) के नए छात्रों के ओरिएंटेशन प्रोग्राम का। कॉलेज में कदम रखते ही फ्रेशर्स को पढ़ाई, करियर और कैंपस लाइफ के हर पहलू से अवगत कराया गया। वित्त अधिकारी डॉ. एम.एम. एजाज अब्बास ने फ्रेशर्स को कॉलेज के गौरवशाली इतिहास की याद दिलाई। उन्होंने बताया कि इस बार कॉलेज के छात्रों ने रिकॉर्ड 18 गोल्ड मेडल जीतकर नाम रोशन किया है। स्मार्ट क्लासरूम और रिच लाइब्रेरी जैसी सुविधाओं का जिक्र करते हुए उन्होंने छात्रों को फिर से गोल्ड मेडल की हैट्रिक लगाने के लिए प्रेरित किया। देश की इकोनॉमी के असली ड्राइविंग फोर्स हो तुम' प्राचार्य प्रो. सैयद शबीहे रज़ा बाकरी ने युवाओं में नया जोश भरा। उन्होंने जेन-जी (Gen-Z) की ताकत को रेखांकित करते हुए कहा कि आज पूरी दुनिया भारतीय युवाओं की ओर देख रही है। स्कूल से कॉलेज का सफर सिर्फ पढ़ाई का बदलाव नहीं, बल्कि ज्यादा आजादी और बड़ी जिम्मेदारियों की शुरुआत है। आने वाले समय में यही युवा देश की अर्थव्यवस्था को नई दिशा देंगे। एडिसन का मिसाल: असफलता से डरो मत, सीखो एससीडीआरसी के निदेशक डॉ. प्रदीप शर्मा ने थॉमस एडिसन के बल्ब आविष्कार का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि नाकामी से घबराने के बजाय उससे सबक लेकर आगे बढ़ना चाहिए। डॉ. शर्मा ने याद दिलाया कि शिया कॉलेज नैक (NAAC) 'A' ग्रेड प्राप्त संस्थान है और प्रमाण पोर्टल पर उत्तर प्रदेश में टॉप पर रहा है। उन्होंने छात्रों को सिर्फ किताबी कीड़ा न बनकर दुनिया में हो रहे तकनीकी बदलावों को समझने की सलाह दी। किताबों के लेखकों से पढ़ने का मौका कॉमर्स संकाय की प्रभारी प्रो. अंजुम अबरार ने बताया कि यहां के कई प्रोफेसर खुद नामचीन किताबों के लेखक हैं। छात्रों को ऐसे अनुभवी शिक्षकों से गाइडेंस पाने का पूरा फायदा उठाना चाहिए। कार्यक्रम में प्रो. नूरुल हसन, डॉ. कीर्ति प्रकाश तिवारी, डॉ. रज़ा शब्बीर, डॉ. अंकुर सिंह, डॉ. मसूद अब्दुल्लाह, प्रो. सैयद शुजात हुसैन, डॉ. मीसम मुबारक और डॉ. अम्बरीष सहित भारी संख्या में शिक्षक मौजूद रहे।
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