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शिवपुरी में कांग्रेस का सत्याग्रह:खड़गे के अपमान के विरोध में निकाला मार्च, बजरंग दल ने निकाली तिरंगा यात्रा
शिवपुरी स्वतंत्रता दिवस से एक दिन पहले शुक्रवार को शिवपुरी में देशभक्ति और राजनीतिक विरोध से जुड़े दो प्रमुख आयोजन हुए। कांग्रेस ने राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के कथित अपमान के विरोध में सत्याग्रह और पैदल मार्च निकाला। वहीं, विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल ने अखंड भारत संकल्प दिवस पर तिरंगा यात्रा निकाली। दोनों आयोजनों में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और पदाधिकारी शामिल हुए। कांग्रेस ने खड़गे के अपमान के विरोध में निकाला मार्च कांग्रेस ने जिला अध्यक्ष मोहित अग्रवाल के नेतृत्व में माधव चौक चौराहे से सत्याग्रह और पैदल मार्च शुरू किया। जिला अध्यक्ष सहित अन्य पदाधिकारी राष्ट्रीय ध्वज और भारत के संविधान की पुस्तक लेकर मार्च में आगे चले। मार्च सदर बाजार, टेकरी गली, नरहरि चौक, न्यू ब्लॉक और सहस्त्रबाहु चौराहे से होते हुए डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा स्थल पर पहुंचा। यहां मोहित अग्रवाल ने डॉ. अंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। कांग्रेस नेताओं ने उत्तराखंड के हल्द्वानी में मल्लिकार्जुन खड़गे के सम्मान को ठेस पहुंचाने वाली कथित कार्रवाई की निंदा की। उन्होंने संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। इस दौरान भाजपा सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की गई। कार्यक्रम में जिलेभर से महिला-पुरुष कार्यकर्ता, पदाधिकारी और जनप्रतिनिधि शामिल हुए। VHP और बजरंग दल ने निकाली तिरंगा यात्रा दूसरी ओर, विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल ने 14 अगस्त को अखंड भारत संकल्प दिवस के अवसर पर तिरंगा यात्रा निकाली। इसमें बड़ी संख्या में बजरंग दल कार्यकर्ताओं के साथ नागरिक शामिल हुए। कार्यकर्ताओं ने भारत माता के जयकारे और देशभक्ति के नारे लगाए। विश्व हिंदू परिषद के जिला उपाध्यक्ष पवन कृष्ण उपमन्यु ने बताया कि 14 अगस्त 1947 की मध्यरात्रि को देश का विभाजन हुआ था। उन्होंने कहा कि समाज भारत को आज भी अखंड मानता है और अखंड भारत के संकल्प के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने 15 अगस्त को देशवासियों के लिए महत्वपूर्ण दिन बताया। तिरंगा यात्रा सिद्धेश्वर मंदिर स्थित विश्व हिंदू परिषद कार्यालय से शुरू हुई। यह कोर्ट रोड से होते हुए राजेश्वरी मंदिर पहुंची, जहां यात्रा का समापन किया गया। रास्तेभर कार्यकर्ता हाथों में तिरंगा लेकर भारत माता के जयकारे लगाते रहे। लोगों से भाईचारे के साथ रहने की अपील की यात्रा के दौरान तिरंगे को प्रेम, पूजा, वंदना और साधना का प्रतीक बताया गया। लोगों से जात-पात और भेदभाव भूलकर भाईचारे के साथ रहने की अपील की गई। तिरंगे को केवल घरों पर ही नहीं, बल्कि हृदय में भी बसाने का आह्वान किया गया। यात्रा के समापन पर कार्यकर्ताओं ने ‘वंदे मातरम’ के नारे लगाए और देश की एकता एवं अखंडता बनाए रखने का संकल्प लिया।
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