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स्वामी नारायण मंदिर की दीवार ढहने में FIR:प्रयागराज में PDA अफसर बोले , बिना नई दीवार बनवाए कराई बेसमेंट की खुदाई
प्रयागराज में होटल निर्माण के लिए कराई जा रही बेसमेंट की खुदाई के दौरान स्वामीनारायण मंदिर की दीवार गिरने के मामले में होटल मालिक समेत तीन पर एफआईआर दर्ज की है। पीडीए के जोनल अधिकारी की ओर से यह एफआईआर लिखाई गई है। इसमें कहा गया है कि बेसमेंट की खुदाई के दौरान निर्धारित मानकों का पालन नहीं किया गया। इसके चलते बगल में स्थित पुराने मंदिर की दीवार ढह गई। 28 अगस्त की रात हुई थी घटना यह घटना 28 अगस्त की रात करीब 11:30 बजे हुई थी। पीडीए के जोनल अधिकारी देवेंद्र प्रताप मिश्रा की ओर से जार्जटाउन थाने में दी गई तहरीर के मुताबिक, महात्मा गांधी मार्ग पर जार्जटाउन में स्वामी नारायण मंदिर के बगल स्थित प्लॉट पर शिवम चौहान, उनके पिता प्रताप चौहान और प्रताप चौहान की पत्नी नम्रता चौहान की ओर से होटल का मानचित्र स्वीकृत कराया गया है। स्वीकृत मानचित्र में दो बेसमेंट के साथ भूतल और नौ मंजिल का होटल प्रस्तावित है। 9 मंजिला होटल बनना था मानचित्र स्वीकृत होने के बाद स्थल पर पहले बेसमेंट की खुदाई का काम शुरू किया गया। इसी भूखंड से सटा हुआ एक पुराना मंदिर बना हुआ था। मंदिर की नींव और दीवारें काफी पुरानी व कमजोर थीं। बेसमेंट की खुदाई के दौरान इनके गिरने की आशंका को देखते हुए मंदिर के पुजारी/स्वामी कमलेश और होटल मालिक शिवम चौहान आदि के बीच एक समझौता भी हुआ था। मंदिर की दीवार हटाकर दोबारा निर्माण की थी बात तहरीर के अनुसार, समझौते में यह तय हुआ था कि मंदिर की कमजोर दीवार को हटाकर उसे दोबारा बनाया जाएगा। इसके लिए होटल मालिक की ओर से मंदिर की दीवार हटाकर निर्माण कराया जाना था। हालांकि, इससे पहले ही बेसमेंट की खुदाई के दौरान बरसात का पानी भर गया और पुरानी होने के कारण मंदिर की दीवार गिर गई। पीडीए के जोनल अधिकारी का कहना है कि प्रथमदृष्टया यही आशंका है कि होटल मालिक शिवम चौहान आदि की ओर से बेसमेंट की खुदाई के दौरान निर्धारित मानकों का पालन नहीं किया गया। इसी वजह से बेसमेंट से सटे पुराने मंदिर की दीवार ढह गई। पुलिस ने शुरू की जांच थाना प्रभारी जार्जटाउन रुकुमपाल सिंह ने बताया, मामले में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस अब निर्माण स्थल, बेसमेंट की खुदाई, मंदिर की दीवार गिरने की परिस्थितियों और निर्माण के दौरान निर्धारित मानकों के पालन की जांच करेगी। पीडीए के स्तर से भी निर्माण कार्य से जुड़े अभिलेख और स्वीकृत मानचित्र की जांच किए जाने की बात सामने आई है।
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