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सीतामढ़ी में जिला परिषद सदस्य के पति की गोली मारकर हत्या, आक्रोशित भीड़ ने पुलिस पर किया हमला
सीतामढ़ी: डुमरा थाना क्षेत्र के केथरिया निवासी और जिला परिषद क्षेत्र संख्या-13 की सदस्य खुश्दिल देवी के पति बैद्यनाथ महतो की शनिवार सुबह गोली मारकर हत्या कर दी गई। बताया जा रहा है कि बैद्यनाथ महतो सुबह टहलने के लिए घर से निकले थे। इसी दौरान बदमाशों ने उन्हें निशाना बनाकर ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं। गोली लगने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जुट गए। हत्या की खबर फैलते ही ग्रामीणों में पुलिस के खिलाफ आक्रोश बढ़ गया। गुस्साई भीड़ ने एक आरोपी के घर में आग लगा दी। स्थिति को देखते हुए 12 थानों की पुलिस को मौके पर बुलाया गया। एसपी और एसडीएम भी घटनास्थल पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया। इसी दौरान आक्रोशित भीड़ ने पुलिस टीम पर हमला कर दिया। हमले में ट्रैफिक थानाध्यक्ष प्रशांत कुमार के सिर में चोट लगी और उनका सिर फूट गया। उन्हें आनन-फानन में इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। भीड़ ने पुलिस की आठ गाड़ियों में भी तोड़फोड़ की। मामले में एसपी ने डुमरा थानाध्यक्ष मुकेश कुमार और अनुसंधानकर्ता आदित्य कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। दोनों को पुलिस केंद्र वापस बुला लिया गया है। एसपी के अनुसार, दोनों अधिकारियों की कार्यशैली में कर्तव्य के प्रति घोर लापरवाही, अपराध नियंत्रण में विफलता और विधि-व्यवस्था में शिथिलता सामने आई है। वहीं सदर एसडीपीओ-2 आशीष आनंद को थानाध्यक्ष और अनुसंधानकर्ता के खिलाफ लगाए गए आरोपों की जांच कर दो दिनों के भीतर विस्तृत रिपोर्ट देने का निर्देश दिया गया है। बताया जा रहा है कि बैद्यनाथ महतो की हत्या से महज तीन दिन पहले, 8 सितंबर को सैकड़ों ग्रामीण डुमरा थाना पहुंचे थे। ग्रामीणों ने थाना परिसर के बाहर प्रदर्शन करते हुए पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की थी। वे 28 अगस्त की देर रात जिला पार्षद के आवास पर हुई कथित गोलीबारी के मामले में आरोपितों की गिरफ्तारी की मांग कर रहे थे। ग्रामीणों का आरोप था कि गंभीर घटना के बावजूद मुख्य आरोपितों की गिरफ्तारी नहीं हुई, जिससे अपराधियों का मनोबल बढ़ रहा था और इलाके के लोगों में डर का माहौल बना हुआ था। दिए गए आवेदन के अनुसार, 28 अगस्त की रात करीब 1:15 बजे जिला पार्षद के आवास पर गोलीबारी हुई थी। परिवार के लोग घर में सो रहे थे। इसी दौरान गोली चलने की आवाज सुनाई दी। परिजन बाहर निकले तो कुछ लोगों को मोटरसाइकिल से भागते हुए देखने की बात कही गई थी। आवेदन में यह भी आरोप लगाया गया था कि घटना से पहले करीब आठ-दस लोग शराब पीकर गाली-गलौज कर रहे थे। विरोध करने पर कथित तौर पर गोलीबारी की गई। घटना की सूचना डुमरा थाना और 112 नंबर पर दी गई थी, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची थी। ग्रामीणों का आरोप है कि पिछली घटना में समय रहते कार्रवाई होती और आरोपितों की गिरफ्तारी की जाती तो अपराधियों का मनोबल नहीं बढ़ता। इसी मामले में कार्रवाई की मांग को लेकर 8 सितंबर को ग्रामीणों ने डुमरा थाना पहुंचकर प्रदर्शन किया था। इसके तीन दिन बाद ही बैद्यनाथ महतो की हत्या होने से मामला और गंभीर हो गया है। हालांकि पिछली गोलीबारी और वर्तमान हत्या के बीच संबंध को लेकर पुलिस की जांच और आधिकारिक पुष्टि अभी बाकी है। पूर्व विधायक सुनील कुशवाहा ने भी घटना को लेकर पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पहली बार फायरिंग होने के बाद थाना में आवेदन दिया गया था और आरोपितों की गिरफ्तारी की मांग की गई थी, लेकिन पुलिस ने प्रभावी कार्रवाई नहीं की। उन्होंने सरकार से आरोपितों के साथ-साथ थाना प्रभारी की भूमिका की भी जांच कर कार्रवाई करने की मांग की है। हत्या के बाद इलाके में तनाव की स्थिति बनी हुई है। बड़ी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई है और प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है। फिलहाल पुलिस हत्या के पीछे की वजह, हमलावरों की पहचान और घटना में शामिल लोगों की भूमिका की जांच कर रही है। आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर कार्रवाई की जा रही है। मिथिला हिन्दी न्यूज | संपादक: रोहित कुमार सोनू
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