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सीकर में कलेक्ट्रेट घेरा, गिरफ्तारी के लिए नहीं मिलीं बसें:वामपंथी संगठनों ने निकाली आक्रोश रैली, सांसद बोले- जुमलेबाज है केंद्र सरकार
सीकर में सोमवार को लोगों ने आक्रोश रैली निकाली। कलेक्ट्रेट का घेराव किया। सांसद अमराराम के नेतृत्व में विभिन्न पार्टियों के प्रतिनिधि और प्रदर्शनकारी विरोध-प्रदर्शन के बाद कलेक्ट्रेट के गेट पर ही ज्ञापन देने की बात पर अड़ गए। काफी देर तक नारेबाजी के बाद एसीएम सुशील सैनी गेट पर आए और ज्ञापन लिया। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने गिरफ्तारी देनी चाही, लेकिन पुलिस के वाहन मौजूद नहीं होने के कारण सभी ढाका भवन लौट गए। पहले देखें विरोध-प्रदर्शन से जुड़ी PHOTOS... अलग-अलग संगठन शामिल हुए विरोध-प्रदर्शन में सांसद अमराराम के नेतृत्व में कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया, सीटू, इंटक, छात्र संगठन SFI, ऑटो-रिक्शा यूनियन, ट्रैक्टर यूनियन, आंगनबाड़ी-सहायिका यूनियन, किसान यूनियन, रोडवेजकर्मी यूनियन और DYFI समेत कई संगठनों के कार्यकर्त्ता और बड़ी संख्या में लोग शामिल थे। इससे पहले सीकर जिला मुख्यालय पर विभिन्न दलों के प्रतिनिधियों ने सभा करके केंद्र सरकार की नीतियों का विरोध जताया और उसके बाद ढाका भवन के सामने सभास्थल से कलेक्ट्रेट के गेट तक नारेबाजी करते हुए आक्रोश रैली निकाली। जेल भरो अंदोलन की चेतावनी दी सांसद अमराराम ने कहा- केंद्र सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ आज सीकर में कलेक्ट्रेट कूच और जेल भरो आंदोलन किया गया। PM नरेंद्र मोदी ने अच्छे दिन लाने, किसानों की आमदनी दोगुनी करने, हर साल 10 लाख नौकरियां देने के वादे सिर्फ जुमले निकले। केंद्र सरकार ने नौकरियां छीनने, किसानों को लूटने, स्थाई नौकरी की बजाय ठेकाप्रथा बढ़ाने और आंगनबाड़ी कार्यकर्त्ताओं को शोषण करने का काम किया है। सांसद अमराराम ने कहा- भारत छोड़ो आंदोलन की तर्ज पर भाजपा सत्ता छोड़ाे अभियान के तहत आज विरोध-प्रदर्शन किया गया। केंद्र सरकार का हर वादा चुनावी जुमला होता है। पुलिस और सरकार के पास संसाधन नहीं थे, इसलिए प्रशासन ने कलेक्ट्रेट पर ही कह दिया कि गिरफ्तारी मान ली और वहीं से रिहा कर दिया। वामपंथी संगठनों के प्रदर्शन और भीड़ को देखते हुए कलेक्ट्रेट पर बड़ी संख्या में पुलिस जाब्ता तैनात रहा।
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