crime
सज्जनगढ़ के लायन सफारी में लायनेस 'सुनैना' की मौत:तीन महीने से बीमार चल रही थी साढ़े 5 साल की शेरनी, पोस्टमॉर्टम के बाद हुआ अंतिम संस्कार
उदयपुर के सज्जनगढ़ बॉयोलाजिकल पार्क के लॉयन सफारी में साढ़े 5 साल की मादा एशियाटिक शेरनी सुनैना की रविवार दोपहर मौत हो गई। सुनैना का 24 मई से बीमार होने से लगातार इलाज चल रहा था। 21 जुलाई से 20 अगस्त तक उसने पूरा भोजन लिया और इलाज से लगातार सुधार दिखने लगा था। 21 अगस्त को उसकी तबीयत वापस बिगड़ी और सुबह उसने आंशिक भोजन ही लिया, जिसके बाद मेडिकल टीम ने तुरंत सेंपल लेकर जांच के आधार पर इलाज शुरू किया। इसी बीच रविवार दोपहर अचानक स्थिति गंभीर होने से उसकी मौत हो गई। तीन महीने से चल रहा था इलाज मादा एशियाटिक शेरनी सुनैना 24 मई से लगातार चिकित्सकों की निगरानी और उपचार में थी। 21 जुलाई से 20 अगस्त के बीच उसकी सेहत में काफी अच्छा सुधार देखा गया था। इस एक महीने के दौरान वह नियमित रूप से पूरा भोजन ले रही थी और दिए जा रहे उपचार पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दर्शा रही थी। दो दिन पहले छोड़ा भोजन 21 अगस्त की सुबह केयरटेकर्स ने देखा कि सुनैना ने रात में दिए गए भोजन में से केवल आंशिक भोजन ही लिया था। इसके बाद मेडिकल टीम ने तुरंत मौके पर पहुंचकर उसके रक्त के नमूने लिए और प्राथमिक उपचार शुरू किया। 22 अगस्त और 23 अगस्त को भी रक्त जांच की रिपोर्ट के आधार पर उसे लगातार दवाइयां और जरूरी उपचार दिया गया। रविवार दोपहर अचानक सुनैना की तबीयत ज्यादा बिगड़ गई और उसकी स्थिति गंभीर होने से उसकी मौत हो गई। तीन डॉक्टरों के मेडिकल बोर्ड ने किया पोस्टमॉर्टम एशियाटिक शेरनी की मौत के तुरंत बाद पोस्टमॉर्टम के लिए तीन सदस्यीय मेडिकल बोर्ड का गठन किया गया। शाम 4:30 बजे गठित मेडिकल बोर्ड के सदस्य डॉ. शैलेन्द्र शुक्ला, डॉ. महेन्द्र मेहता और डॉ. हिमांशु व्यास द्वारा सुनैना के शव का पोस्टमॉर्टम किया गया। पार्क के श्मशान स्थल पर शाम को हुई अंत्येष्टि पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शाम 6:00 बजे जैविक उद्यान परिसर स्थित श्मशान स्थल पर सुनैना की अंत्येष्टि की गई। इस दौरान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) मुकेश सैनी, क्षेत्रीय वन अधिकारी प्रभुलाल मीणा, सहायक उप निरीक्षक योगेश कुमार, पटवारी गिरधर सिंह राजपूत सहित सज्जनगढ़ जैविक उद्यान का स्टाफ और स्थानीय ईडीसी सदस्य मौजूद रहे।
Read full article on Bhaskar