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संभल में राष्ट्रीय लोक अदालत में 31,562 मामलों का निपटारा:12.21 करोड़ रुपए से अधिक का जुर्माना, राजस्व कोर्ट में 25,764 मामलों का निस्तारण
संभल में शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण और राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण उत्तर प्रदेश के तहत लगी लोक अदालत में कुल 31,562 मामलों का निपटारा किया गया। इस दौरान अर्थदंड, मुआवजा और समझौते के रूप में 12.21 करोड़ रुपए से अधिक की राशि संबंधित पक्षों को दिलाई गई। जनपद न्यायालयों में 5,006 मामलों का निस्तारण जनपद न्यायालय संभल (चंदौसी), बाह्य न्यायालय संभल और बाह्य न्यायालय गुन्नौर में कुल 5,006 मामलों का निपटारा हुआ। इनमें 2,82,11,043 रुपए का अर्थदंड और मुआवजा वसूला या दिलाया गया। परिवार न्यायालय में 81 मामलों का निस्तारण किया गया। वहीं मोटर दुर्घटना मुआवजा अधिकरण में 22 मामलों का निपटारा हुआ। इनमें पीड़ित पक्ष को 2,76,60,723 रुपए का मुआवजा दिलाया गया। सीजेएम कोर्ट में सबसे ज्यादा 2,429 केस निपटे लोक अदालत में सबसे ज्यादा 2,429 मामलों का निस्तारण मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के प्रभारी सचिव दीपक कुमार जायसवाल की अदालत ने किया। बाह्य न्यायालय गुन्नौर में 660 और बाह्य न्यायालय संभल में 527 मामलों का निपटारा किया गया। इसके अलावा अन्य अदालतों में भी बड़ी संख्या में लंबित मामलों को सुलह-समझौते और नियमानुसार निस्तारित किया गया। राजस्व न्यायालयों में 25,764 मामलों का निपटारा राजस्व न्यायालयों ने 25,764 मामलों का निस्तारण किया। उपभोक्ता फोरम में 16 मामलों का निपटारा हुआ, जिनमें 89,87,827 रुपए की समझौता राशि तय हुई। जिले के अलग-अलग बैंकों ने भी लोक अदालत में 691 मामलों का निपटारा किया। समझौते के बाद बैंकों ने 9,10,57,000 रुपए की रकम हासिल की। मां सरस्वती की पूजा के साथ हुई शुरुआत लोक अदालत का शुभारंभ जनपद न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण संभल (चंदौसी) की अध्यक्ष डॉ. विदुषी सिंह के मार्गदर्शन में किया गया। मां सरस्वती की पूजा और दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम की शुरुआत हुई। इस दौरान न्यायिक अधिकारी, अधिवक्ता, बैंक कर्मचारी और न्यायालय के कर्मचारी मौजूद रहे। राष्ट्रीय लोक अदालत के माध्यम से बड़ी संख्या में मामलों का निस्तारण होने से लंबित मुकदमों का बोझ कम हुआ और पक्षकारों को आपसी समझौते के जरिए जल्द राहत मिली।
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