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रायसेन से 47 देखों में बासमती का निर्यात हो रहा:सीएम बोले- रायसेन के बासमती चावल अब अंतरराष्ट्रीय पहचान बना ली
रायसेन के बासमती चावल ने अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना ली है। जिले से 47 से अधिक देशों में बासमती चावल का निर्यात हो रहा है, जिसकी कीमत लगभग 1800 करोड़ रुपये से अधिक है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरुवार को रायसेन कृषि उपज मंडी परिसर में आयोजित बलराम कृषि महोत्सव को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संबोधित करते हुए यह जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि किसानों के खेत सरकार के लिए देवस्थल के समान हैं और उनका हर दाना प्रसाद है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में वर्ष 2026 को किसान कल्याण वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। सरकार का संकल्प खेती को लाभ का व्यवसाय बनाना है, जिसके लिए इसे आधुनिक तकनीक, फूड प्रोसेसिंग, वेयरहाउसिंग, कोल्ड चेन, ग्रेडिंग, पैकेजिंग और कृषि निर्यात से जोड़ा जा रहा है। स्वास्थ्य राज्यमंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल ने इस अवसर पर कहा कि प्रदेश सरकार किसानों के हित में ऐतिहासिक निर्णय ले रही है। उन्होंने कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में बिजली के कम बिल आने पर टिप्पणी करते हुए कहा कि उस समय बिजली ही नहीं आती थी, इसलिए बिल कम आते थे। पटेल ने आगे बताया कि सरकार कृषि भूमि अधिग्रहण पर किसानों को चार गुना मुआवजा प्रदान करेगी। किसानों की आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए 'कवच योजना' भी शुरू की गई है। सांची विधायक डॉ. प्रभुराम चौधरी ने केंद्र और प्रदेश सरकारों की विभिन्न योजनाओं का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि किसानों को सिंचाई, कृषि यंत्र, खाद-बीज सहित कई योजनाओं का लाभ मिल रहा है। पीएम किसान सम्मान निधि और मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना के तहत किसानों को सालाना कुल 12 हजार रुपये दिए जा रहे हैं। कार्यक्रम में कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा और एसपी आशुतोष गुप्ता सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे। हालांकि, कार्यक्रम में कुछ अव्यवस्थाएं भी देखने को मिलीं। पर्याप्त कुर्सियों और खाने की व्यवस्था न होने के कारण कई किसानों को भोजन के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी और अंततः उन्हें नीचे बैठकर खाना खाना पड़ा।
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