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रावतपुरा में सरकारी रास्ते पर जबरन कब्जे की शिकायत:ग्रामीण बोले- साहब, रास्ता बंद हुआ तो अर्थी निकालने के लिए भी जगह नहीं बचेगी
भिंड के लहार तहसील के ग्राम रावतपुरा (सरकार) में अनुसूचित जाति मोहल्ले के करीब 20-25 परिवारों के आवागमन के लिए बने सरकारी रास्ते पर शौचालय निर्माण की शिकायत कलेक्टर से की गई है। ग्रामीणों का आरोप है कि करीब 50 साल पुराने आम रास्ते पर ग्राम पंचायत ने लगभग 20 साल पहले आरसीसी रोड बनवाई थी। अब इसी सड़क को तोड़कर निजी शौचालय का निर्माण किया जा रहा है, जिससे मोहल्ले के लोगों का आवागमन प्रभावित हो गया है। एकमात्र रास्ता बंद होने का आरोप ग्रामीणों ने शिकायत में बताया कि यह रास्ता मोहल्ले के लोगों के लिए आने-जाने का एकमात्र मार्ग है और दूसरा कोई वैकल्पिक रास्ता नहीं है। ग्रामीणों के अनुसार भगवती त्रिपाठी पुत्र जगदीश प्रसाद त्रिपाठी द्वारा आरसीसी सड़क पर शौचालय निर्माण के लिए गड्ढा खोदकर काम शुरू किया गया है। उनका आरोप है कि निर्माण करीब 60 प्रतिशत पूरा हो चुका है और रास्ता भी प्रभावित हो गया है। फिलहाल लोगों को पैदल निकलने में भी परेशानी हो रही है। सड़क तोड़कर निर्माण करने का आरोप ग्रामीणों का कहना है कि जिस रास्ते पर शौचालय का निर्माण किया जा रहा है, वह करीब 50 साल पुराना आम रास्ता है। करीब 20 साल पहले ग्राम पंचायत ने इसी रास्ते पर आरसीसी सड़क का निर्माण कराया था। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि अब सड़क को तोड़कर निजी निर्माण किया जा रहा है, जिससे सरकारी रास्ते के अस्तित्व पर ही संकट खड़ा हो गया है। विरोध करने पर विवाद की स्थिति ग्रामीणों के मुताबिक उन्होंने निर्माणकर्ता से सरकारी रास्ते पर निर्माण नहीं करने और रास्ता बंद नहीं करने के लिए कहा था। आरोप है कि इस दौरान निर्माणकर्ता और उसके बेटों ने गाली-गलौज की और निर्माण जारी रखने की बात कही। ग्रामीणों ने मामले की सूचना 15 जून 2026 को रावतपुरा थाना पुलिस को भी दी थी। अर्थी निकालने तक का रास्ता नहीं बचेगा ग्रामीण मेघ सिंह रजक ने बताया कि रास्ता बंद होने से मोहल्ले के लोगों को रोजाना परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि यदि रास्ता पूरी तरह बंद हो गया तो भविष्य में किसी व्यक्ति की मृत्यु होने पर अर्थी निकालने के लिए भी रास्ता नहीं बचेगा। ग्रामीणों ने प्रशासन से मामले में जल्द कार्रवाई की मांग की है। सरकारी रिकॉर्ड की जांच और अतिक्रमण हटाने की मांग ग्रामीणों ने कलेक्टर से मांग की है कि सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज आम रास्ते की जांच कराई जाए और उस पर हो रहे निर्माण को तत्काल रुकवाया जाए। साथ ही रास्ते से कथित अतिक्रमण हटाकर उसे दोबारा आम लोगों के आवागमन के लिए चालू कराने की मांग की गई है। शिकायत पर प्रमोद, देवेंद्र कुमार, प्रभाष, अनिल दोहरे, रामस्वरूप, चंद्रशेखर, राजेंद्र, गोविंदास, प्रेमनारायण, पुष्पेंद्र, रामकरन, भरत, मथुरा सहित अन्य ग्रामीणों के हस्ताक्षर हैं।
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