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राष्ट्रीय लोक अदालत में 1 लाख मामलों का निस्तारण:25.47 करोड़ रुपए की वसूली, बैंक ऋण के भुगतान पर पक्षकारों को मिली छूट
इटावा में शनिवार को आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में कुल 1,00,254 मामलों का निस्तारण किया गया। इनमें न्यायालयों में लंबित मामलों के साथ प्री-लिटिगेशन के मामले भी शामिल रहे। विभिन्न मामलों के निस्तारण के दौरान कुल 25 करोड़ 47 लाख 85 हजार 755 रुपए की वसूली हुई। बैंक से जुड़े मामलों में पक्षकारों को ऋण भुगतान पर छूट भी दी गई। न्यायालयों में 4 हजार से ज्यादा मामलों का निस्तारण उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के तत्वावधान में जिला न्यायालय, इटावा के साथ राजस्व न्यायालयों और विभिन्न प्रशासनिक विभागों में राष्ट्रीय लोक अदालत लगाई गई। जिला न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष रजत सिंह जैन की अध्यक्षता और निर्देशन में न्यायिक व प्रशासनिक अधिकारियों, अधिवक्ताओं और विभागीय अधिकारियों के सहयोग से मामलों का निपटारा किया गया। जिला न्यायाधीश रजत सिंह जैन ने 7, अपर जिला जज प्रथम अखिलेश कुमार ने 8, विशेष न्यायाधीश एससी-एसटी एक्ट संजय कुमार चतुर्थ ने 6, विशेष न्यायाधीश आलोक कुमार श्रीवास्तव ने 3 और विशेष न्यायाधीश ईसी एक्ट अंकुर शर्मा ने 505 मामलों का निस्तारण किया। परिवार न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश ललित नारायण झा और अतिरिक्त न्यायाधीश सुबोध वार्ष्णेय ने 31 वैवाहिक मामलों का निपटारा कराया। इस दौरान 12 जोड़ों की सुलह के बाद एक साथ विदाई भी कराई गई। 1,382 शमनीय आपराधिक मामलों का निपटारा पीठासीन अधिकारी एमएसीटी रामचंद्र यादव प्रथम ने 154 मामलों, उपभोक्ता न्यायालय के पीठासीन अधिकारी गुलाब सिंह ने 11 और स्थायी लोक अदालत के अध्यक्ष देवेंद्र सिंह ने 3 मामलों का निस्तारण किया। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अश्वनी कुमार प्रथम सहित अन्य फौजदारी न्यायालयों ने 1,382 शमनीय आपराधिक मामलों का निपटारा किया। प्री-लिटिगेशन के 95,370 मामले निपटे जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की पूर्णकालिक सचिव आरती द्विवेदी ने बताया कि विभिन्न विभागों और बैंकों से संबंधित प्री-लिटिगेशन के 95,370 मामलों का निस्तारण किया गया। इन मामलों में 14 करोड़ 28 लाख 13 हजार 638 रुपए की वसूली हुई। प्री-लिटिगेशन और न्यायालयों में लंबित मामलों को मिलाकर लोक अदालत में कुल 25 करोड़ 47 लाख 85 हजार 755 रुपए की वसूली की गई। लोक अदालत में दूर-दराज क्षेत्रों से पहुंचे लोगों को बैंक ऋण के भुगतान में अच्छी छूट दी गई। भीषण गर्मी को देखते हुए पक्षकारों और वादकारियों के लिए पेयजल और छाया की व्यवस्था भी की गई थी।
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