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रामपुर में जापानी इंसेफेलाइटिस का पहला मामला:3 साल के बच्चे की रिपोर्ट पॉजिटिव, हल्द्वानी मेडिकल कॉलेज में चल रहा इलाज
रामपुर में जापानी इंसेफेलाइटिस (JE) का पहला मामला सामने आया है। बिलासपुर तहसील के कला खजुरिया गांव निवासी तीन वर्षीय अब्बाज की जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। बच्चे का इलाज उत्तराखंड के हल्द्वानी स्थित सुशीला तिवारी मेडिकल कॉलेज में चल रहा है। मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग अलर्ट हो गया है और गांव में निगरानी व जांच शुरू कर दी गई है। 29 अगस्त को मिली मामले की जानकारी इस संबंध में ऊधमसिंह नगर के मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने 29 अगस्त को रामपुर के सीएमओ को पत्र भेजकर जानकारी दी। पत्र में बताया गया कि हल्द्वानी में इलाज करा रहे रामपुर जिले के बच्चे की जापानी इंसेफेलाइटिस की जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। जानकारी मिलने के बाद रामपुर स्वास्थ्य विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित गांव में टीम भेजकर निगरानी और जांच की प्रक्रिया शुरू कर दी। परिवार बरेली में रह रहा, गांव पहुंची स्वास्थ्य टीम रामपुर की सीएमओ डॉ. दीपा सिंह ने बुधवार शाम करीब चार बजे बताया कि बच्चे का परिवार वर्तमान में रामपुर में नहीं, बल्कि बरेली में रह रहा है। हालांकि, परिवार का पता रामपुर के कला खजुरिया गांव का दर्ज है। एहतियात के तौर पर स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव पहुंची। टीम ने बच्चे के परिवार के सदस्यों, पड़ोसियों और आसपास रहने वाले लोगों से जानकारी जुटाई। जांच के दौरान जिन लोगों के सैंपल लेना जरूरी समझे गए, उनके नमूने लेकर जांच के लिए लैब भेजे गए हैं। रिपोर्ट आने के बाद तय होगी आगे की कार्रवाई स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के मुताबिक सैंपल की रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी। रिपोर्ट के आधार पर आगे की स्वास्थ्य संबंधी कार्रवाई की जाएगी। गांव में स्वास्थ्य टीमों को लगाया गया है और लोगों के स्वास्थ्य की लगातार निगरानी की जा रही है। सीएमओ ने बताया कि जापानी इंसेफेलाइटिस के इलाज के लिए विभाग के पास पर्याप्त दवाइयां, इंजेक्शन और सिरप उपलब्ध हैं। विभाग की टीमें मामले की लगातार निगरानी कर रही हैं। स्वास्थ्य विभाग ने कहा- घबराने की जरूरत नहीं स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि फिलहाल लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है। एहतियात के तौर पर निगरानी और जांच का काम जारी रखा गया है। वहीं, अब्बाज का इलाज हल्द्वानी में चल रहा है और स्वास्थ्य विभाग बच्चे की सेहत से जुड़ी जानकारी भी लगातार ले रहा है।
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