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रामपुर में फर्जी बैंक खाते खुलवाकर साइबर ठगी, चार गिरफ्तार:एसपी बोले- कम पढ़े-लिखे पर दिमाग तेज, अंगूठा लगवाकर खाते खोले
रामपुर पुलिस ने साइबर ठगी करने वाले एक बड़े गिरोह का खुलासा किया है। पुलिस ने मिलक और शाहबाद इलाके से चार युवकों को गिरफ्तार किया है। उनका एक साथी अभी फरार है। ये ठग भोले-भाले लोगों के नाम पर फर्जी बैंक खाते खोलते थे और ठगी का पैसा उन्हीं खातों में मंगाते थे। पसियापुरा की रहने वाली मधु नाम की महिला ने एसपी से शिकायत की। मधु ने बताया कि उनके नाम से किसी ने फर्जी खाता खोल लिया है। इसमें ठगी का पैसा आ रहा है। उन्हें महाराष्ट्र के ठाणे जिले के निजामपुरा साइबर थाने से नोटिस भी मिला था। एसपी ने इस मामले की जांच साइबर थाना रामपुर को सौंपी। जांच में पता चला कि मनीष कुमार इस ठगी का मुख्य आरोपी है। मनीष हरियाणा के पलवल का रहने वाला है और फिलहाल रामपुर के चांदरवाला बाग में रहता है। वह किर्रा डाकघर में बीपीएम (ब्रांच पोस्टमास्टर) के पद पर काम करता है। वह आधार कार्ड बनवाने आए लोगों से दोबारा अंगूठा लगवाकर एनएसडीएल के फर्जी खाते खोल देता था। लोगों को इसकी भनक तक नहीं लगती थी। मनीष का साथी अजय कुमार मिलक के किरा गांव का रहने वाला है। वह इन फर्जी खातों में फर्जी सिम कार्ड लगाता था, ताकि खातों का पूरा कंट्रोल आरोपियों के पास रहे। अजय का पड़ोसी अनीश भी इस काम में शामिल था। अनीश रेवाड़ी कला चौराहे पर एक जनसेवा केंद्र चलाता है और वह भी फर्जी खाते खोलने में मदद करता था। ये ठग फर्जी खातों को अमन खान और आशुतोष शर्मा को देते थे। अमन मिलक के रेवाड़ी खुर्द का रहने वाला है, जबकि आशुतोष बरेली के सुभाषनगर का निवासी है। वे खातों में आई रकम को यूएसडीटी (क्रिप्टोकरेंसी) में बदलते थे और फिर एटीएम से निकाल लेते थे। एसपी अनिल सिंह सिसौदिया ने बताया कि साइबर थाने में केस दर्ज कर लिया गया है। आरोपियों के पास से तीन आईफोन, छह एंड्रॉयड फोन, सात एटीएम कार्ड, उनतीस सिम कार्ड, दो चेक बुक, ग्यारह बैंक किट, एक बैंक मोहर, एक लैपटॉप, एक बायोमेट्रिक मशीन और एक लाख तेरह हजार रुपये नकद बरामद हुए हैं। पुलिस अब फरार आरोपी अमन खान की तलाश कर रही है।
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