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पथसंचलन में तिरंगा-राष्ट्रगीत शामिल करे RSS- अजय राय:कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष बोले- भाजपा भारतीय जलाओ पार्टी, जरूर दर्ज कराएंगे केस
वाराणसी में ‘वंदे मातरम्’ के कथित अपमान को लेकर भाजयुमो कार्यकर्ताओं द्वारा कांग्रेस कार्यालय पर किए गए प्रदर्शन और मशाल जुलूस का मामला अब राजनीतिक तूल पकड़ता जा रहा है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने इस पूरे घटनाक्रम पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा पर निशाना साधा और कहा कि भाजपा का फुल फॉर्म “भारतीय जलाओ पार्टी” है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा का राष्ट्रहित से कोई लेना-देना नहीं है और वह केवल राजनीतिक लाभ के लिए राष्ट्रवाद का इस्तेमाल करती है। सोमवार को लहुराबीर स्थित अपने आवासीय कार्यालय पर अजय राय ने कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ ‘वंदे मातरम्’ का सामूहिक गायन किया। इस दौरान राष्ट्रपिता महात्मा गांधी, ‘वंदे मातरम्’ के रचयिता बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय और गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर के चित्रों पर पुष्पांजलि अर्पित कर स्वतंत्रता आंदोलन की विरासत को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया गया। सोमवार को प्रदेश अध्यक्ष अजय राय के आवासीय कार्यालय लहुराबीर पर ‘वंदे मातरम्’ गीत का सामूहिक गायन किया गया। प्रदेशाध्यक्ष के साथ महानगर और जिलाध्यक्ष ने भी राष्ट्रीय गीत गाया। कांग्रेस नेताओं ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी, ‘वंदे मातरम्’ के रचयिता बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय तथा गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर के छायाचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर स्वतंत्रता आंदोलन की गौरवशाली विरासत को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने कहा कि ‘वंदे मातरम्’ केवल शब्दों और स्वरों का गीत नहीं है, बल्कि यह भारत की गुलामी के दौर में करोड़ों भारतीयों के भीतर पैदा हुई स्वतंत्रता की चेतना, स्वाभिमान और मातृभूमि के प्रति समर्पण की आवाज है। आज कांग्रेस को राष्ट्रवाद समझाने की कोशिश करना इतिहास का बड़ा विरोधाभास है। तिरंगा किसी एक संगठन या दल का झंडा नहीं है। यह करोड़ों भारतीयों के संघर्ष, त्याग और बलिदान का प्रतीक है। इसलिए तिरंगे और राष्ट्रभक्ति को राजनीतिक हथियार बनाकर किसी दूसरे भारतीय को देशभक्ति का प्रमाण पत्र बांटना उचित नहीं है। अजय राय ने कहा कि ‘वंदे मातरम्’ का सामूहिक गायन का इतिहास राष्ट्रीय आंदोलन और कांग्रेस के इतिहास से गहराई से जुड़ा हुआ है। कांग्रेस के प्रथम अधिवेशनों से ही यह गीत राष्ट्रीय चेतना की अभिव्यक्ति का महत्वपूर्ण माध्यम रहा। आजादी के आंदोलन में कांग्रेस की भूमिका को देश का इतिहास कभी मिटा नहीं सकता जिस संगठन को आज राष्ट्रभक्ति की इतनी चिंता दिखाई देती है, उसे पहले अपने इतिहास और स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान अपनी भूमिका पर भी बात करनी चाहिए। “आरएसएस पदसंचलन-कार्यक्रम में ‘वंदे मातरम्’ को अनिवार्य करे अजय राय ने आरएसएस पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि आज ‘वंदे मातरम्’ को लेकर इतना आग्रह और राष्ट्रभक्ति की भावना दिखाई जा रही है, तो आरएसएस को इसकी शुरुआत अपने कार्यक्रमों से करनी चाहिए। आरएसएस अपने पदसंचलन और अपने हर कार्यक्रम में सबसे पहले ‘वंदे मातरम्’ गीत के सामूहिक गायन को अनिवार्य करे। कांग्रेस के प्रथम अधिवेशन से ही ‘वंदे मातरम्’ राष्ट्रीय चेतना का हिस्सा रहा है और कांग्रेस के कार्यक्रमों में आज भी इसका सम्मानपूर्वक गायन किया जाता है। आरएसएस पहले अपने कार्यक्रमों में ‘वंदे मातरम्’ को अनिवार्य करे और अपने अन्य गीतों के स्थान पर राष्ट्र की स्वतंत्रता चेतना से जुड़े इस ऐतिहासिक गीत को प्रमुखता दे। कांग्रेस को राष्ट्रभक्ति का प्रमाण पत्र देने की जरूरत किसी से नहीं है। अगर ‘वंदे मातरम्’ सचमुच राष्ट्रभक्ति और स्वतंत्रता संघर्ष की अमर आवाज है, तो जो लोग आज इसके नाम पर राजनीति कर रहे हैं, उन्हें पहले अपने संगठन के कार्यक्रमों में इसकी वास्तविक उपस्थिति सुनिश्चित करनी चाहिए। कांग्रेस का इतिहास वंदेमातरम से जुड़ा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि कांग्रेस का इतिहास केवल किसी राजनीतिक दल का इतिहास नहीं, बल्कि भारत के आधुनिक राष्ट्र निर्माण और स्वतंत्रता संघर्ष की एक महत्वपूर्ण धारा का इतिहास है। महात्मा गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस ने असहयोग आंदोलन, सविनय अवज्ञा आंदोलन और भारत छोड़ो आंदोलन जैसे व्यापक जन आंदोलनों के माध्यम से अंग्रेजी शासन को चुनौती दी। पंडित जवाहरलाल नेहरू, सरदार वल्लभभाई पटेल, भीमराव अंबेडकर,मौलाना अबुल कलाम आजाद, सरोजिनी नायडू, राजेंद्र प्रसाद सहित अनेक नेताओं और हजारों-लाखों कार्यकर्ताओं ने स्वतंत्रता आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। ‘राष्ट्रभक्ति नारे से नहीं, संघर्ष से साबित होती है’ अजय राय ने कहा कि “राष्ट्रभक्ति केवल नारे लगाने से साबित नहीं होती। राष्ट्रभक्ति तब साबित होती है जब व्यक्ति देश के संविधान, लोकतंत्र, तिरंगे और देश की एकता एवं अखंडता के लिए खड़ा होता है।” उन्होंने कहा कि आज जरूरत इस बात की है कि नई पीढ़ी को स्वतंत्रता आंदोलन का वास्तविक इतिहास पढ़ाया जाए। उन्हें बताया जाए कि आजादी किसी एक दिन अचानक नहीं मिली थी, बल्कि इसके पीछे दशकों का संघर्ष, जेल यात्राएं, सत्याग्रह, आंदोलन और असंख्य लोगों का बलिदान था। उन्होंने कहा कि ‘वंदे मातरम्’ की भावना भारत माता के प्रति सम्मान, देश की एकता और स्वतंत्रता के प्रति समर्पण की भावना है। इस भावना को किसी एक दल या संगठन की सीमाओं में बांधा नहीं जा सकता। इनकी रही मौजूदगी जिला अध्यक्ष राजेश्वर सिंह पटेल, महानगर अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे, पूर्व जिला अध्यक्ष प्रजानाथ शर्मा, संजीव सिंह, फसाहत हुसैन बाबू,सतनाम सिंह,अरुण सोनी,वकील अंसारी,राजू राम, महानगर अध्यक्ष युवा कांग्रेस चंचल शर्मा, मनीष मोरोलिया ,प्रवीण प्रकाश, ऋषभ पांडेय, विकास सिंह ,ओमप्रकाश ओझा,असलम खां,प्रमोद वर्मा,नरसिंह दास,राजेश त्रिपाठी, अब्दुल हमीद डोडे,संजय निगम, रोहित दुबे, धीरज सोनकर, आशीष केसरी ,आकाश त्रिपाठी,गोपाल चौबे, मनोज यादव,किशन,सहित कांग्रेस के तमाम पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
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