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Podcast: शरीर ही ब्रह्मांड : प्रजनन यज्ञ और देव प्राण
Gulab Kothari Article Sharir Hi Brahmand: पुरुष को रस तथा माया को बल कहा जाता है। सृष्टि में जो कुछ दिखाई देता है, वह ब्रह्म का विवर्त ही है। इसमें से मायाभाव के हटते ही फिर से पुरुष भाव ब्रह्म में लीन हो जाता है। शरीर ही ब्रह्माण्ड शृंखला में सुनें पत्रिका समूह के प्रधान संपादक गुलाब कोठारी का यह विशेष लेख- प्रजनन यज्ञ और देव प्राण
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