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पेंशनर्स वेलफेयर एसोसिएशन ने CM को लिखा पत्र:79 साल पूरे कर चुके पेंशनर्स को 20% अतिरिक्त पेंशन देने की मांग
मध्य प्रदेश में 79 साल की उम्र पार कर चुके पेंशनर्स को 20 प्रतिशत अतिरिक्त पेंशन देने से राज्य सरकार पीछे हट रही है। डेढ़ साल पहले सुप्रीम कोर्ट में राज्य सरकार की रिव्यू पिटीशन भी इस मामले में खारिज हो चुकी है लेकिन प्रदेश भर में चार से पांच हजार की संख्या वाले 79 साल पार पेंशनर्स को मिलने वाला फायदा ब्यूरोक्रेसी बुजुर्ग पेंशनर्स को नहीं लेने दे रही है। मुख्यमंत्री-CS से की मांग पेंशनर्स वेलफेयर एसोसिएशन ने एक बार फिर मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव को पत्र लिखकर प्रदेश के पेंशनरों को 80 वर्ष की आयु में प्रवेश दिनांक से 20% अतिरिक्त पेंशन दिए जाने की मांग की है। पेंशनर्स वेलफेयर एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष आमोद सक्सेना ने बताया कि उच्च न्यायालय ग्वालियर में 80 वर्ष की आयु में प्रवेश की दिनांक से 20% अतिरिक्त पेंशन का लाभ देने दायर रिट याचिका का निर्णय पेंशनरों के पक्ष में पारित हुआ था। इसके बाद हाईकोर्ट के आदेश के विरुद्ध मध्यप्रदेश शासन द्वारा SLP(C) 2414/2024 सुप्रीम कोर्ट में पेश की गई। जिसे 17 सितम्बर 2024 को सर्वोच्च न्यायालय ने खारिज कर दिया। इसके बाद शासन द्वारा फिर रिव्यू पिटीशन Diary No.59076/ 2024 दायर किया। इस रिव्यू पिटीशन को भी सर्वोच्च न्यायालय ने 20 मार्च 2025 खारिज कर दिया है। तब से अब तक डेढ़ साल का समय बीत चुका है पर राज्य सरकार और ब्यूरोक्रेट्स बुजुर्ग पेंशनर्स को इसका लाभ नहीं मिलने दे रहे हैं। सक्सेना ने कहा कि प्रदेश में इस कैटेगरी में आने वाले पेंशनर्स की संख्या चार से पांच हजार ही होगी लेकिन सरकार हठधर्मिता पर उतारू है। व्यक्तिगत रूप से न्यायालय का फैसला न माने सरकार एसोसिएशन के संरक्षक गणेश दत्त जोशी का कहना है कि राज्य शासन द्वारा उठाए गए विवाद के न्यायिक निराकरण होने के बाद उच्च न्यायालय ग्वालियर द्वारा रिट याचिका क्रमांक-7424/2022 में पारित निर्णय मूल रुप से प्रभावी हो गया है, इसलिए वृद्ध पेंशनरों को उनके वैधानिक एवं न्यायिक अधिकार के लिए न्यायालय जाने को मजबूर करना उचित नहीं होगा। पात्र पेंशनरों को व्यक्तिगत रूप से न्यायालय की शरण लेने की बजाय शासन को सभी पेंशनरों पर समान रुप से यह निर्णय लागू करना चाहिए। त्वरित कार्यवाही कर शीघ्र आदेश जारी करें सरकार एसोसिएसन के भोपाल जिले के अध्यक्ष सुरेश शर्मा ने सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय को पेंशनरों की जीत बताते हुए मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव एवं अपर मुख्य सचिव वित्त से त्वरित कार्यवाही कर शीघ्र आदेश जारी करने की मांग की है। एसोसिएशन के उपाध्यक्ष संतोष ठाकुर, शैलेंद्र श्रीवास्तव, सचिव रामगोपाल माथुर, यशवंत सिंह बैस, संयुक्त सचिव शकुंतला वर्मा, कार्यकारिणी सदस्य संगीता श्रीवास्तव एवं अनिल पांडे ने सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय का सम्मान करते हुए पूर्व में वंचित किए गए सभी पेंशनरों को एरियर्स की समय-सीमा में भुगतान करने की शासन से अपील की है।
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