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प्रयागराज नगर निगम सदन में पार्षदों का हंगामा:दधिकांधो मेले की तैयारी, बदहाल सड़कें; जलभराव और खराब लाइटें बनीं मुद्दा
प्रयागराज नगर निगम की बोर्ड बैठक में शुक्रवार को शहर की बदहाल सड़कों, सीवर लाइन बिछाने के बाद सड़कों की मरम्मत नहीं होने, जलभराव, सफाई व्यवस्था और खराब स्ट्रीट लाइटों को लेकर पार्षदों ने जमकर सवाल उठाए। विकास कार्यों की धीमी रफ्तार और निर्माण एजेंसियों की कार्यशैली पर भी नाराजगी जताई गई। इसी दौरान शनिवार से शुरू हो रहे ऐतिहासिक दधिकांधो मेले की तैयारियों का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा। क्षेत्रीय पार्षदों ने अपने-अपने क्षेत्रों में होने वाले मेले को लेकर नगर निगम की तैयारियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि मेले से पहले सड़कों की मरम्मत, सफाई, रोशनी और अन्य जरूरी व्यवस्थाएं हर हाल में पूरी की जाएं। बैठक की अध्यक्षता मेयर गणेश केसरवानी ने की। बैठक में नगर आयुक्त सीलम साईं तेजा के साथ नगर निगम, जल निगम, विद्युत विभाग और पीडब्ल्यूडी के तमाम अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों के सामने पार्षदों ने अपने-अपने वार्डों की समस्याएं उठाईं और समयबद्ध तरीके से समाधान की मांग की। शहर से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर चर्चा के बाद उन्हें मंजूरी दी गई। तस्वीरों में देखें ... सीवर लाइन के बाद सड़कें नहीं बन रहीं बैठक का प्रमुख मुद्दा गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई के तहत चल रहे सीवर लाइन के काम का रहा। पार्षदों ने कहा कि सीवर लाइन डालने के लिए शहर की सड़कों और गलियों को खोद दिया जाता है, लेकिन काम पूरा होने के बाद समय से सड़क की मरम्मत नहीं होती। इससे लोगों को आवागमन में परेशानी होती है और कई जगह सड़कें बदहाल हो जाती हैं। अधिकारियों ने बताया कि शहर को अलग-अलग प्रभागों में बांटकर सीवर व्यवस्था का काम कराया जा रहा है। मेंटेनेंस के लिए पर्याप्त कर्मचारी और बजट नहीं होने से कई जगह काम प्रभावित हो रहा है। इस पर पार्षदों ने कहा कि केवल सीवर लाइन चालू होने की जानकारी देना पर्याप्त नहीं है। जमीन पर सीवर ओवरफ्लो और चोक की समस्या का भी तत्काल समाधान होना चाहिए। बैठक में तय किया गया कि सीवर या अन्य निर्माण कार्य शुरू करने से पहले पूरा टोपोग्राफिकल सर्वे और वास्तविक लेआउट तैयार किया जाएगा। इससे पुरानी और नई पाइपलाइनों के बीच भ्रम की स्थिति से बचा जा सकेगा। ठेकेदारों की जवाबदेही तय करने और काम निर्धारित समय में गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा कराने पर भी जोर दिया गया। दधिकांधो मेले से पहले व्यवस्थाएं दुरुस्त करने की मांग शनिवार से ऐतिहासिक दधिकांधो मेले की शुरुआत हो रही है। इसे लेकर क्षेत्रीय पार्षदों ने अपने-अपने क्षेत्रों में नगर निगम की तैयारियों पर सवाल उठाए। पार्षदों ने कहा कि मेले से पहले सड़कों की मरम्मत, सफाई, रोशनी और अन्य जरूरी व्यवस्थाएं पूरी होनी चाहिए, ताकि मेले में आने वाले श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों को परेशानी न हो। 12 सितंबर को शिवकुटी के सलोरी और 13 सितंबर को धूमनगंज के सुलेम सराय में मेला लगेगा। इसके बाद 19 सितंबर को तेलियरगंज के रसूलाबाद और 20 सितंबर को राजापुर में आयोजन होगा। कीडगंज में 24 सितंबर को बीच वाली सड़क और 25 सितंबर को थाने वाली सड़क पर मेला लगेगा। 20 अक्टूबर को मलका शिवकुटी और 24 अक्टूबर को फाफामऊ में दधिकांधो मेले का आयोजन किया जाएगा। मेले को लेकर पुलिस ने भी सुरक्षा व्यवस्था तैयार की है। डीसीपी सिटी सागर जैन के अनुसार मेला क्षेत्रों में पुलिस बल तैनात रहेगा और संवेदनशील स्थानों पर विशेष नजर रखी जाएगी। कूड़ा उठान में लापरवाही पर कार्रवाई सफाई व्यवस्था को लेकर पार्षदों ने शिकायत की कि कई इलाकों में कूड़ा उठाने वाली गाड़ियां निर्धारित समय पर नहीं पहुंचतीं। इस पर संबंधित कर्मचारियों और वाहन चालकों की जिम्मेदारी तय करने का निर्णय लिया गया। एक महीने में व्यवस्था में सुधार नहीं होने पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई। फॉगिंग और एंटी लार्वा छिड़काव में लापरवाही पर भी निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए गए। कूड़ा निस्तारण और सफाई व्यवस्था बेहतर करने के लिए सुपर सकर मशीन और कॉम्पैक्टर जैसे आधुनिक उपकरण एक महीने के भीतर खरीदने का निर्णय लिया गया। 18 करोड़ से बनेगा आधुनिक अस्पताल नगर निगम की स्वास्थ्य व्यवस्था मजबूत करने के लिए करीब 18 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक अस्पताल बनाने का प्रस्ताव पास किया गया। इसमें 200 बेड नगर निगम कर्मचारियों के लिए आरक्षित रखने और शेष बेड पर आयुष्मान भारत योजना के तहत जरूरतमंदों का इलाज कराने की योजना है। अस्पताल में गंभीर बीमारियों के उपचार की सुविधा विकसित करने की बात कही गई। करीब दो से ढाई साल में कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों के इलाज की सुविधा शुरू करने की उम्मीद जताई गई। सड़क, नाले और जलभराव के प्रस्ताव मंजूर बैठक में विभिन्न वार्डों में सड़क और नाला निर्माण के प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। वार्ड-6 कनिहार समेत कई क्षेत्रों में 50 मीटर सड़क और नाले के निर्माण तथा जलभराव की समस्या दूर करने के लिए बजट उपलब्ध कराने पर सहमति बनी। डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा और पार्क निर्माण से जुड़े प्रस्ताव पर भी चर्चा हुई। पार्षदों ने कहा कि विकास कार्यों की प्राथमिकता तय करते समय वार्ड स्तर की जरूरतों को शामिल किया जाना चाहिए। जनता अपनी समस्याएं सीधे पार्षदों के सामने रखती है, इसलिए सबसे जरूरी काम पहले कराए जाएं। त्योहारों से पहले सड़क और रोशनी ठीक करने के निर्देश आगामी दशहरा, दुर्गापूजा, विसर्जन और दीपावली को देखते हुए चौकियों और जुलूसों के मार्गों पर पैचवर्क, प्रकाश व्यवस्था, सफाई और पेड़ों की टहनियों की छंटाई युद्धस्तर पर कराने के निर्देश दिए गए। दुर्गापूजा पंडालों के आसपास बिजली, सफाई और पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया। पार्षदों ने खराब स्ट्रीट लाइट और हाईमास्ट को लेकर भी शिकायतें रखीं। इस पर मेयर ने स्ट्रीट लाइटों की गुणवत्ता की जांच कराने के निर्देश नगर आयुक्त को दिए। दशहरा से पहले जहां वेंच वायर लगे हैं, वहां सभी स्ट्रीट लाइटों के कनेक्शन कराने को कहा गया। बैठक में पुराने बोर्ड की 10 मार्च, 25 अप्रैल और 17 जुलाई को हुई बैठकों की कार्यवाही की पुष्टि भी की गई। बैठक में विधायक हर्षवर्धन बाजपेयी, पार्षद, नगर आयुक्त सीलम साईं तेजा सहित नगर निगम, जल निगम, विद्युत विभाग और पीडब्ल्यूडी के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे। बैठक को मेयर ने मंगलवार दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया।इसमें अधिकारियों की मौजूदगी को शुरुआत और अंत दोनों जगह जरूरत के मुताबिक रखा गया है, ताकि खबर में यह साफ रहे कि पार्षदों ने किन विभागों के अधिकारियों के सामने समस्याएं उठाईं।
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