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नगर निगम बोर्ड बैठक में 6 घंटे तक चला घमासान:विपक्ष के साथ भाजपा पार्षदों ने भी अफसरों को घेरा, सफाई, निर्माण, अतिक्रमण और आवारा पशुओं के मुद्दे उठे
बरेली में शुक्रवार को नगर निगम बोर्ड की बैठक हंगामेदार रही। सुबह 11 बजे शुरू हुई बैठक में शुरुआत से ही पार्षदों ने नगर निगम के अफसरों को घेरना शुरू कर दिया। विपक्षी पार्षदों के साथ भाजपा पार्षदों ने भी शहर की समस्याओं को लेकर जमकर सवाल उठाए। करीब 6 घंटे तक चली बैठक में निर्माण कार्यों में देरी, सफाई व्यवस्था, अतिक्रमण, बंदरों और आवारा कुत्तों के आतंक के साथ छुट्टा पशुओं का मुद्दा छाया रहा। पुराने प्रस्तावों पर काम नहीं होने से नाराज पार्षद बैठक की शुरुआत में बोर्ड के सामने मंजूरी के लिए प्रस्ताव रखे जाने थे। इससे पहले ही पार्षदों ने पुराने प्रस्तावों पर कार्रवाई नहीं होने का मुद्दा उठा दिया। पार्षदों ने कहा कि पिछली बोर्ड बैठक में कई प्रस्ताव पास हुए थे, लेकिन अब तक उन पर काम शुरू नहीं हुआ। इससे जनता के बीच पार्षदों की जवाबदेही पर सवाल खड़े हो रहे हैं। सड़क खोदकर छोड़ देते हैं ठेकेदार समाजवादी पार्टी के पार्षद गौरव सक्सेना समेत कई पार्षदों ने निर्माण कार्यों में हो रही देरी पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि ठेकेदार सड़क या गली खोदकर काम शुरू कर देते हैं, लेकिन उसे पूरा करने में महीनों लग जाते हैं। छोटी सी गली के निर्माण में भी एक-एक महीने तक लग जाता है। इससे लोगों को परेशानी होती है और जनता का गुस्सा पार्षदों को झेलना पड़ता है। बंदर और कुत्तों के आतंक पर सवाल पार्षदों ने आवारा कुत्तों और बंदरों के आतंक का मुद्दा भी जोरदार तरीके से उठाया। उनका कहना था कि शहर में शायद ही कोई ऐसा इलाका होगा, जहां आवारा कुत्तों और बंदरों की समस्या नहीं है। आए दिन लोग इनके हमले में घायल हो रहे हैं। हाल ही में इंदिरा मार्केट में कुत्तों ने व्यापारियों को निशाना बनाया था। पार्षदों ने कहा कि कुत्तों और बंदरों को पकड़ने के लिए पहले भी टेंडर हुए, लेकिन जमीन पर उसका असर नजर नहीं आया। बंदरों के डर से लोग घरों की छतों पर कपड़े तक नहीं सुखा पा रहे हैं। बच्चों और बुजुर्गों के छत पर जाने में भी खतरा बना रहता है। कई बार बंदरों के हमले में लोग छत से गिरकर घायल हो चुके हैं। छुट्टा पशुओं से हादसों पर भी घेरा सड़कों पर घूम रहे छुट्टा पशुओं का मुद्दा भी बैठक में उठा। पार्षदों ने कहा कि गाय और अन्य छुट्टा पशुओं की वजह से आए दिन हादसे हो रहे हैं। सड़क पर अचानक पशु आ जाने से वाहन चालक दुर्घटना का शिकार हो रहे हैं। पार्षदों ने नगर निगम से इनके खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की मांग की। स्मार्ट सिटी के कामों पर भी सवाल बैठक में स्मार्ट सिटी के तहत हुए विकास कार्यों को लेकर भी पार्षदों ने सवाल उठाए। पार्षदों ने कहा कि करोड़ों रुपए खर्च करने के बाद भी कई प्रोजेक्ट जनता के इस्तेमाल में नहीं आ पाए हैं। पटेल चौक का स्काईवॉक, जंक्शन पर बना सुपर मार्केट और संजय कम्युनिटी हॉल से जुड़े प्रोजेक्ट का मुद्दा उठाया गया। पार्षदों ने कहा कि जब जनता के टैक्स का पैसा विकास कार्यों पर खर्च हो रहा है तो उसका फायदा भी लोगों को मिलना चाहिए। अधूरे और बंद पड़े प्रोजेक्ट जनता के पैसे की बर्बादी जैसे नजर आ रहे हैं। बैठक में मेयर डॉ. उमेश गौतम, नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य समेत सभी 80 वार्डों के पार्षद मौजूद रहे। बैठक करीब 6 घंटे तक चली और पूरे समय शहर की समस्याओं को लेकर हंगामा और सवाल-जवाब का दौर चलता रहा।
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