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नागौर में MDMA ड्रग्स की अवैध फैक्ट्री का भंडाफोड़:389 ग्राम नशा जब्त; पिस्टल-कारतूस और 1.80 लाख रुपए भी मिले
नागौर शहर की दीप कॉलोनी में MDMA बनाने की अवैध फैक्ट्री पकड़ी गई है। पुलिस ने 389.15 ग्राम MDMA ड्रग्स, एक पिस्टल, एक जिंदा कारतूस, 3 खाली खोल और नशीले पदार्थ की बिक्री से मिले 1 लाख 80 हजार 500 रुपए बरामद किए हैं। एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। एसपी आसाराम चौधरी ने बताया- पुलिस ने मामले में महावीर जाट (28) पुत्र हनुमान को गिरफ्तार किया है। महावीर कुचेरा थाना इलाके के गांव लूणसरा का रहने वाला है। हाल में वह नागौर की दीप कॉलोनी में रह रहा था। जिले में नशे के खिलाफ ऑपरेशन नशा मुक्त नागौर अभियान चल रहा है। दीप कॉलोनी में अवैध रूप से MDMA ड्रग्स तैयार करने की सूचना मिली थी। इस पर टीम गठित कर एक मकान पर दबिश दी। तलाशी में MDMA के अलावा इसे तैयार करने में इस्तेमाल होने वाली सामग्री मिली। मौके से 25 लीटर केमिकल, प्रतिबंधित ट्रामाडोल कैप्सूल के 100 कैप्सूल, केमिकल की बोतलें और अन्य सामान मिला। आशंका है कि फैक्ट्री में MDMA तैयार कर इसे सप्लाई करने की तैयारी थी। क्योंकि MDMA बनाने के काम आने वाली कांच की ट्रे, खाली प्लेटें, इलेक्ट्रॉनिक कांटे, प्लास्टिक थैलियां और पाउच सहित कुल 22 तरह की चीजें बरामद हुई हैं। पिस्टल-कारतूस और कैश मिला कार्रवाई के दौरान पुलिस को एक पिस्टल, एक जिंदा कारतूस और 3 खाली खोल मिले। इसके अलावा नशा बेचकर जुटाए 1 लाख 80 हजार 500 रुपए मिले। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार आरोपी फौज की नौकरी से रिटायर होने के बाद MDMA बनाने और नशे के कारोबार में सक्रिय हुआ। हालांकि, इस संबंध में पुलिस की विस्तृत जांच और आधिकारिक पुष्टि के बाद ही पूरी स्थिति साफ होगी। सप्लाई नेटवर्क खंगाल रही पुलिस पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि MDMA बनाने के लिए कच्चा माल कहां से लाया जाता था? तैयार ड्रग्स की सप्लाई नागौर के अलावा किन-किन स्थानों पर की जा रही थी। आरोपी से पूछताछ के आधार पर इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है।
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