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मेयर बोलीं- गाड़ियों की खरीद में मेरा हस्तक्षेप नहीं:गाजियाबाद में एक दिन पहले पार्षदों की मेयर सुनीता दयाल से हुई थी नोंकझोंक
गाजियाबाद नगर निगम में पार्षदों और मेयर सुनीता दयाल के बीच हुई नोंकझोक के बाद बुधवार को मेयर ने प्रेसनोट जारी किया है। एक दिन पहले हंगामा हुआ था और वाहन खरीद पर सवाल उठाए थे। मेयर सुनीता दयाल ने कहा कि वाहन खरीदने का मामला नगर निगम का है, मेरा कोई हस्तक्षेप नहीं होता। यहां से शुरू हुआ विवाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर प्रस्तावित ‘सेवा संकल्प अभियान’ की तैयारियों को लेकर मंगलवार को गाजियाबाद नगर निगम में हंगामा हुआ। जहां नगर निगम की कार्यकारिणी के कार्यकाल, पार्षदों के सम्मान तथा निगम की कार्यप्रणाली से जुड़े मुद्दे भी उठाए। जहां विवाद के बीच नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक बैठक से बाहर चले गए। लगातार माहौल गरमा रहा बैठक के दौरान महापौर सुनीता दयाल की ओर से पार्षद राजीव शर्मा और डिप्टी मेयर प्रवीण चौधरी को बैठक से बाहर किए जाने की बात कही। इसके बाद कुछ पार्षदों ने आपत्ति जताई और माहौल गरमा गया। राजीव शर्मा की ओर से महापौर पर वाहन खरीद सहित कुछ मामलों को लेकर आरोप लगाए गए और पूरे प्रकरण को पार्टी संगठन के समक्ष उठाने की बात कही गई। वाहन खरीद को लेकर मेयर ने रखा पक्ष वाहन खरीद को लेकर महापौर सुनीता दयाल की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि नगर निगम में महापौर, नगर आयुक्त और अन्य अधिकारियों के लिए नियमानुसार वाहन उपलब्ध कराए जाते हैं। महापौर बनने के बाद मुझे पुरानी गाड़ी उपलब्ध कराई गई थी, जबकि बाद में जानकारी हुई कि वह वाहन नगर निगम द्वारा एक कंपनी से किराये पर लिया जा रहा था और उसके लिए प्रति वाहन प्रतिमाह करीब 4 से 5 लाख रुपये का भुगतान किया जा रहा था। मेयर सुनीता दयाल ने आगे लिखा- अधिकारियों की अनुमति के बाद 12 जून 2026 की नगर निगम सदन बैठक में 3 इनोवा और 6 स्कॉर्पियो खरीदने का प्रस्ताव रखा गया था, जिसे सर्वसम्मति से पारित किया गया। महापौर के अनुसार, वाहनों की खरीद प्रक्रिया और उनके आवंटन में उनका कोई हस्तक्षेप नहीं था।
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