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मऊगंज में एलुमनी मीट में शिक्षकों को किया सम्मानित:वक्ता बोले- सक्रिय टीचर कभी नहीं मरता, उसकी शिक्षा और यादें समाज को दिशा देती
मऊगंज के शगुन पैलेस बायपास में शनिवार को शासकीय (उत्कृष्ट) उच्चतर माध्यमिक विद्यालय का एलुमनी मीट और शिक्षक सम्मान समारोह आयोजित किया गया। दोपहर 2 से शाम 5 बजे तक चले इस कार्यक्रम में शिक्षा, पुरानी यादों और पत्रकारिता का अनोखा संगम देखने को मिला, जहां सालों बाद अपने गुरुजनों से मिलकर पूर्व छात्र भावुक हो गए। समारोह में शिक्षा क्षेत्र में अमूल्य योगदान देने वाले रिटायर्ड और सेवारत शिक्षकों के साथ मऊगंज प्रेस क्लब के पत्रकारों को भी सम्मानित किया गया। मुख्य अतिथि साहित्य अकादमी पुरस्कार विजेता डॉ. चंद्रिका प्रसाद चंद्र ने बेहतर व जिम्मेदार पत्रकारिता के लिए पत्रकारों का सम्मान किया। इस दौरान अशोक समरिया, राजेश दुबे, टी.एन. मिश्रा, नसीम खान, संजीत द्विवेदी, उमेश मिश्रा, प्रद्युम्न शुक्ला, विनोद सिंह, सुखवंत मिश्रा, विपिन पांडे, सुभाष पटेल और सागर चतुर्वेदी सहित कई पत्रकार मौजूद रहे। राजनीति से दूर रहा मंच, सिर्फ गुरु और शिष्य का दिखा अटूट रिश्ता मुख्य अतिथि डॉ. चंद्रिका प्रसाद चंद्र ने कहा कि मऊगंज में संभवतः पहली बार शिक्षकों के सम्मान मंच पर कोई नेता नहीं, बल्कि सिर्फ गुरु और उनके शिष्य मौजूद हैं। उन्होंने कहा, "सक्रिय शिक्षक कभी नहीं मरता, उसकी शिक्षा और यादें समाज को दिशा देती हैं।" कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि डॉ. अमोल 'बटरोही' सहित रिटायर्ड शिक्षक राजबल्लव सिंह, रामसजीवन शर्मा, बी.बी. श्रीवास्तव, कृष्णा श्रीवास्तव, केशव प्रसाद मिश्रा, रामलाल सोनी और गणेश प्रसाद त्रिपाठी उपस्थित रहे। पीढ़ियों को जोड़ने का प्रयास, भविष्य में फिर मिलने का संकल्प एलुमनी एसोसिएशन के विश्वनाथ मिश्रा (विस्सू भैया), आनंदमणि मिश्रा, विकास भारती और लक्ष्मी सिंह परिहार ने बताया कि इस आयोजन का मकसद पुरानी और नई पीढ़ी को जोड़ना और पूर्व छात्रों को स्कूल के विकास के लिए प्रेरित करना है। कार्यक्रम का समापन लंच, जलपान और पुरानी यादों को सहेजते हुए भविष्य में दोबारा मिलने के संकल्प के साथ हुआ।
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