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मां ने बेटी से रेप का झूठा केस करवाया दर्ज:पड़ोसी से जमीन विवाद का बदला लेने के लिए साजिश की; कोर्ट ने सुनाया फैसला
अजमेर में एक मां ने पड़ोसी से बदला लेने के लिए अपनी बेटी को ही मोहरा बना लिया। महिला ने पड़ोसी को बेटी से रेप के मामले में फंसाने चाहा। पुलिस में रेप का मामला दर्ज करवाया। जांच में सच्चाई सामने आने पर कोर्ट ने मां को दोषी माना और जुर्माना लगाया। 5 हजार का अर्थदंड जमा नहीं कराने पर साधारण कारावास की सजा भुगतनी होगी। मामले में पॉक्सो कोर्ट संख्या-1 अजमेर के विशिष्ट न्यायाधीश हेमंत सिंह ने फैसला सुनाया है। पड़ोसी पर बेटी से रेप करने का मामला दर्ज करवाया था सरकारी वकील प्रशांत यादव ने बताया कि महिला ने 26 सितंबर 2024 को थाने में रिपोर्ट दी थी, जिसमें आरोप लगाया था कि उसकी 17 साल की नाबालिग बेटी खेत में मूंग की फसल की रखवाली कर रही थी। इस दौरान पड़ोसी उसकी बेटी को अपने खेत में ले गया और रेप किया। बेटी के खून निकलने पर घटना के बारे में किसी को नहीं बताने को लेकर धमकाया। बेटी पैसे और खाने का लालच भी दिया। जांच में नाबालिग ने बताई सच्चाई पुलिस को जांच के दौरान मामला संदिग्ध मिला। नाबालिग ने बयान में भी घटना से इनकार किया। उसने पुलिस को बताया कि उनके परिवार का पड़ोसी से जमीन और जानवर चराने की जगह को लेकर विवाद है। इसके बाद पुलिस ने मामले में एफआर पेश की, जिसे कोर्ट ने 8 जनवरी 2025 को स्वीकार कर लिया। कोर्ट के सामने सुनवाई के दौरान माना कि परिवादिया ने अपने पड़ोसी को अपमानित, धमकाने व जमीन विवाद के चलते मामले को गंभीर बनाने के लिए अपनी नाबालिग बेटी को माध्यम बनाकर रेप जैसा झूठा और गंभीर आरोप लगाया। कोर्ट ने पॉक्सो एक्ट की धारा 22(1) के तहत महिला को दोषी मानते हुए 5 हजार रुपए का अर्थदंड लगाया है।
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