politics
लिखित जवाब रिकॉर्ड पर न होने पर भी प्रतिवादी को ब्रांड नाम के उपयोग पर वादी से जिरह करने का अधिकार: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट की जस्टिस जे. बी. पारदीवाला और जस्टिस के. विनोद चंद्रन की पीठ ने निर्णय दिया है कि ट्रेडमार्क उल्लंघन के मामले में यदि प्रतिवादी का लिखित जवाब (रिटन स्टेटमेंट) रिकॉर्ड पर नहीं लिया गया है, तब भी वह वादी से इस बात पर जिरह (क्रॉस-एग्जामिनेशन) करने का हकदार है कि किसी ब्रांड नाम [...]
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