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कमर्शियल लाइसेंस शुल्क के मुद्दे पर निगम का कल घेराव:भोपाल चैंबर करेगा धरना प्रदर्शन; बैठक में निर्णय- तुरंत वापस लिया जाए
भोपाल में लागू कमर्शियल लाइसेंस शुल्क के विरोध एवं इसे तत्काल स्थगित या वापस लेने की मांग को लेकर बुधवार को भोपाल चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज प्रदर्शन करेगा। आईएसबीटी स्थित निगम ऑफिस के बाहर धरना प्रदर्शन किया जाएगा। इससे पहले मंगलवार को पदाधिकारियों ने निर्णय लिया कि कमर्शियल टैक्स तुरंत वापस लिया जाए। चैंबर अध्यक्ष गोविंद गोयल की मौजूदगी में मंगलवार को भोपाल के सभी प्रमुख व्यापारिक संगठनों के अध्यक्ष एवं सचिवों की एक आपातकालीन बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न व्यापारिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने एकमत होकर कहा कि वर्तमान कमर्शियल लाइसेंस शुल्क व्यापारियों पर आर्थिक बोझ है और इसे तत्काल वापस लिया जाना चाहिए। महापौर और अध्यक्ष के सामने रखेंगे अपनी मांग बैठक में निर्णय लिया गया कि 19 अगस्त को भोपाल चैंबर के नेतृत्व में भोपाल के समस्त व्यापारिक संगठनों के प्रतिनिधि नगर निगम कार्यालय, आईएसबीटी, भोपाल मे सुबह 10.30 बजे पहुंचकर महापौर मालती राय, निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी, निगम कमिश्नर संस्कृति जैन एवं अन्य जनप्रतिनिधियों के सामने अपनी मांग प्रभावी ढंग से रखेंगे और ज्ञापन सौंपेंगे। भोपाल में ही क्यों लागू है कमर्शियल लाइसेंस शुल्क? बैठक में व्यापारिक प्रतिनिधियों ने इस बात पर विशेष चिंता व्यक्त की कि मध्य प्रदेश के अन्य शहरों में यह कमर्शियल लाइसेंस शुल्क लागू नहीं है, केवल भोपाल शहर के व्यापारियों पर यह अतिरिक्त शुल्क लगाया जा रहा है। व्यापारियों का स्पष्ट सवाल है कि जब प्रदेश के अन्य शहरों में व्यापारियों पर ऐसा शुल्क लागू नहीं है, तो भोपाल के व्यापारियों के साथ यह भेदभावपूर्ण एवं सौतेला व्यवहार क्यों? भोपाल प्रदेश की राजधानी है और यहां का व्यापारिक समुदाय शहर की अर्थव्यवस्था, रोजगार एवं राजस्व में महत्वपूर्ण योगदान देता है। ऐसे में व्यापारियों को राहत देने के बजाय उन पर अतिरिक्त शुल्क का भार डालना किसी भी दृष्टि से उचित नहीं है। व्यापारिक संगठनों ने कहा कि यदि प्रदेश के अन्य शहरों में व्यापारिक गतिविधियां बिना इस प्रकार के शुल्क के संचालित हो सकती हैं तो भोपाल के व्यापारियों पर अलग से यह आर्थिक भार डालने का औचित्य स्पष्ट किया जाना चाहिए।
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