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कोटा में वार्ड 4 को एसटी आरक्षण पर आपत्ति:लोग बोले- ओबीसी-जनरल के 70 फीसदी वोटर; धाकड़ महासभा ने कहा- पिछड़ा आयोग की रिपोर्ट सार्वजनिक हो
कोटा नगर निगम की वार्डो की लॉटरी में वार्ड नंबर 4 को एसटी वर्ग के लिए आरक्षित करने पर ओबीसी वर्ग के लोगों ने आपत्ति जताई है। भाजपा उद्योग नगर मंडल उपाध्यक्ष पूरण बंजारा के नेतृत्व में वार्ड के लोगों ने जिला प्रशासन को ज्ञापन दिया। वार्ड की लॉटरी निरस्त कर वार्ड की सीट जनरल/ओबीसी के लिए आरक्षित करने की मांग की। पूरण बंजारा ने बताया- वार्ड नंबर 4 पिछले 15 से 20 सालों से एसटी सीट आ रही है। हाल में वार्ड आरक्षण लॉटरी में वार्ड का आरक्षण साल 2011 के सर्वे के आधार पर निर्धारित किया गया है, जबकि क्षेत्र में ओबीसी और सामान्य वर्ग के मतदाताओं की संख्या अधिक हैं। स्थानीय लोगों की मांग है कि नगर निगम चुनाव में वार्ड के आरक्षण का निर्धारण, क्षेत्र की वर्तमान जनसंख्या और मतदाता संरचना के आधार पर किया जाए। वर्तमान में वार्ड 4 में 12 हजार से ज्यादा वोटर है। इनमें 70 फीसदी जनरल/ओबीसी वोटर है। अपनी मांग को लेकर जगपुरा, रानपुर, रेतिया चौकी, लखावा, शांति नगर, पुनियादेवरी, खेड़ा जगपुरा, भामाशाह मंडी और रीको इंडस्ट्रियल एरिया क्षेत्र के लोगों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर ज्ञापन दिया। धाकड़ महासभा ने की ओबीसी आयोग से रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग अखिल भारतीय श्री धाकड़ महासभा भारतवर्ष ने राजस्थान राज्य अन्य पिछड़ा वर्ग आयोग के नाम जिला प्रशासन को ज्ञापन दिया। ओबीसी आयोग की रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग की। महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष तुलसीराम धाकड़ ने बताया- हाल ही समाचार पत्रों में ओबीसी वर्ग में शामिल अलग-अलग जातियों के संबंध में आंकड़े प्रकाशित हुए हैं। इसमें धाकड़ समाज का उल्लेख नहीं किया गया, जबकि धाकड़ समाज प्रदेश के 15 जिलों में बहुसंख्यक है। प्रदेश में 15 लाख के करीब धाकड़ समाज के मतदाता हैं। श्री धाकड़ महासभा भारतवर्ष ने धाकड़ समाज की वास्तविक स्थिति के आंकड़े सार्वजनिक करने की मांग की है।
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