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कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में एसडीएम का निरीक्षण:दो टीचर और दोनों रसोइयां मिलीं अनुपस्थित, 5 दिन से ड्यूटी पर नहीं आई
उन्नाव के हिलौली विकासखंड स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय मौरावां का बुधवार दोपहर एसडीएम पुरवा ब्रजेश शुक्ला ने औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान दो पूर्णकालिक शिक्षिकाएं अनुपस्थित मिलीं, जबकि विद्यालय में तैनात दोनों रसोइयां पिछले पांच दिनों से ड्यूटी पर नहीं आई थीं। उनकी अनुपस्थिति में प्रभारी वार्डन छात्राओं के लिए भोजन तैयार करती मिलीं। एसडीएम ने विद्यालय में छात्राओं की उपस्थिति, शिक्षण व्यवस्था, भोजन, सुरक्षा और मूलभूत सुविधाओं का जायजा लिया। विद्यालय में कुल पांच पूर्णकालिक शिक्षिकाएं तैनात हैं। इनमें ज्योति चौधरी और योगिता अनुपस्थित मिलीं। दोनों की ओर से ऑनलाइन अवकाश के लिए प्रार्थना पत्र दिए जाने की जानकारी दी गई। इसके अलावा प्रीति यादव और सविता देवी अंशकालिक शिक्षिकाओं के रूप में कार्यरत हैं। कक्षा 6 से 8 में 87 और 9-10 में 19 छात्राएं मिलीं उपस्थित कक्षा छह से आठ तक विद्यालय में 100 छात्राएं नामांकित हैं, जिनमें से निरीक्षण के दौरान 87 उपस्थित मिलीं। वहीं, कक्षा नौ और दस में 51 छात्राओं का नामांकन है, जिनमें 19 छात्राएं उपस्थित थीं। बताया गया कि कक्षा नौ और दस की छात्राएं करीब दो किलोमीटर दूर स्थित केएनपीएन विद्यालय मौरावां में पढ़ने जाती हैं। इनकी उपस्थिति ऑफलाइन के साथ प्रेरणा पोर्टल पर भी दर्ज की जाती है। पांच दिन से रसोइयों के न आने पर वार्डन बना रहीं खाना निरीक्षण के दौरान पता चला कि विद्यालय की दोनों रसोइयां पिछले पांच दिनों से ड्यूटी पर नहीं आ रही हैं। ऐसे में प्रभारी वार्डन सुरभि सिंह स्वयं छात्राओं के लिए भोजन तैयार कर रही हैं। निरीक्षण के समय मीनू के अनुसार दूध-दलिया, कढ़ी-चावल, मौसमी सब्जी, सलाद और रोटी तैयार मिली। रसोई में रखे दाल, चावल और अन्य खाद्यान्न की गुणवत्ता भी संतोषजनक पाई गई। आवासीय गेट पर सीसीटीवी लगाने की जरूरत एसडीएम ने विद्यालय की सुरक्षा व्यवस्था भी देखी। कक्षाओं में सीसीटीवी कैमरे चालू मिले, लेकिन आवासीय परिसर के गेट पर कैमरा नहीं लगा था। इसे सुरक्षा की दृष्टि से तत्काल लगाए जाने की आवश्यकता बताई गई। हॉस्टल में एक चौकीदार भी तैनात मिला। विद्यालय नगर पंचायत मौरावां के अंतर्गत आने के कारण यहां कायाकल्प योजना का काम नहीं हुआ है। हालांकि, फर्श बना हुआ मिला और वाटर कूलर चालू स्थिति में था। बिजली व्यवस्था के लिए जनरेटर और इनवर्टर उपलब्ध हैं। विद्यालय में जियो फाइबर वाई-फाई की सुविधा भी है, लेकिन कंप्यूटर लैब अभी तक तैयार नहीं हुई है। वहीं, एक डॉर्मिटरी और एक लैब का निर्माण कार्य प्रक्रियाधीन बताया गया।
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