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केसरगंज मस्जिद विवाद में फिर टकराव, थाने तक पहुंचा हंगामा:शाम को AIMIM, सपा और आजाद समाज पार्टी कार्यकर्ताओं ने पुलिस कार्रवाई पर उठाए सवाल
मेरठ के केसरगंज मस्जिद को लेकर कई दिनों से चल रहा विवाद रविवार को एक बार फिर सड़क से थाने तक पहुंच गया। मस्जिद के बाहर सुबह व्यापारी ईश्वर चंद कंसल और दूसरे पक्ष के बीच कहासुनी के बाद माहौल गरमा गया। बढ़ते विवाद को देखते हुए पुलिस मौलाना कमर और उनके बेटे साद को थाना रेलवे रोड ले आई। शाम होते-होते मामला फिर गरमा गया। AIMIM, समाजवादी पार्टी और आजाद समाज पार्टी के कार्यकर्ता मौलाना और उनके बेटे के समर्थन में थाना रेलवे रोड पहुंच गए। कार्यकर्ताओं ने पुलिस कार्रवाई को एकतरफा बताते हुए विरोध जताया। उनका कहना था कि सुबह की घटना के लिए सचिन सिरोही जिम्मेदार हैं। आरोप लगाया कि वह लगातार ऐसे मुद्दे उठाकर शहर का माहौल बिगाड़ने का प्रयास कर रहे हैं। मस्जिद में घुसने की कोशिश का आरोप थाने पहुंचे कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि सचिन सिरोही रविवार सुबह कुछ लोगों के साथ मस्जिद पर पहुंचे थे। उन्होंने मस्जिद में घुसने का प्रयास किया। वहां मौजूद लोगों ने उन्हें रोकने की कोशिश की तो कथित तौर पर अभद्रता की गई। कार्यकर्ताओं का आरोप है कि मारपीट का प्रयास करने के साथ जान से मारने की धमकी भी दी गई। उनका सवाल था कि जब विवाद की शुरुआत ही दूसरे पक्ष की हरकत से हुई तो कार्रवाई केवल मौलाना और उनके बेटे के खिलाफ क्यों की गई। पुलिस पर एकतरफा कार्रवाई का आरोप प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर एक पक्षीय कार्रवाई का आरोप लगाया। AIMIM के महानगर अध्यक्ष इमरान अंसारी ने कहा कि कानून सभी के लिए बराबर होना चाहिए। यदि पुलिस इसी तरह एक पक्ष को थाने लाकर कार्रवाई करेगी तो लोगों में असंतोष बढ़ेगा। कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी कि धार्मिक स्थलों से जुड़े संवेदनशील मामलों में पुलिस को किसी दबाव या विवाद के बजाय तथ्यों के आधार पर कार्रवाई करनी चाहिए। सचिन सिरोही पर लगाए गंभीर आरोप थाने पहुंचे लोगों ने सचिन सिरोही पर शहर का माहौल खराब करने का आरोप लगाते हुए कहा कि वह आए दिन अलग-अलग मुद्दों को लेकर विवाद खड़ा करते हैं। प्रदर्शनकारियों ने सवाल उठाया कि यदि उसके खिलाफ पहले से मुकदमे दर्ज हैं और जिला बदर की कार्रवाई भी हो चुकी है तो फिर प्रशासन उसे इस तरह की गतिविधियां करने की अनुमति क्यों दे रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कभी किसी स्थान पर जाकर हनुमान चालीसा पढ़ने और कभी मस्जिद के कागजात मांगने जैसे मामलों से जानबूझकर माहौल बनाया जा रहा है। कार्यकर्ताओं ने सवाल किया कि आखिर उसे इस तरह की गतिविधियां करने की अनुमति किसने दी। सचिन सिरोही के खिलाफ भी तहरीर विरोध प्रदर्शन के दौरान सचिन सिरोही के खिलाफ भी तहरीर दी गई। कार्यकर्ताओं ने पुलिस से मामले की निष्पक्ष जांच कराने और आरोपों के आधार पर कानूनी कार्रवाई की मांग की। उनका कहना था कि यदि पुलिस को सुबह की घटना की जांच करनी है तो दोनों पक्षों की शिकायत सुनी जाए और किसी के प्रभाव में आकर कार्रवाई न की जाए। सपा नेता जीतू सिंह नागपाल ने एसएसपी से आग्रह किया कि वह ऐसे प्रकरणों का संज्ञान लें और माहौल खराब करने की साजिश रचने वालों पर सख्त एक्शन हो। सचिन बोले- मुख्यमंत्री लें संज्ञान अखिल भारतीय हिंदू सुरक्षा संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सचिन सिरोही ने खुद पर लगे आरोपों को निराधार बताया है। उन्होंने कहा कि वह हिंदुत्व की लड़ाई लड़ रहे हैं। गलत कुछ नहीं किया। जहां तक मस्जिद प्रकरण की बात है तो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ संज्ञान लेकर ऐसे धार्मिक स्थलों के कागजात चेक कराएं। सबकुछ साफ हो जाएगा।
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