politics
कल्पना के पिता की भूख हड़ताल का 13वां दिन:हालत बेहद खराब; अब तक 6 पर कार्रवाई, FIR की मांग पर अड़े
रीवा के संजय गांधी अस्पताल में कल्पना मिश्रा और उसके नवजात की मौत के मामले में न्याय की मांग को लेकर पिता का आमरण अनशन सोमवार को 13वें दिन भी जारी है। लगातार भूख हड़ताल के कारण उनकी हालत बेहद खराब हो गई है। उनकी कमजोरी इतनी बढ़ गई है कि वे अब ठीक से बैठ भी नहीं पा रहे हैं और ज्यादातर समय लेटकर ही अनशन कर रहे हैं। इसके बावजूद उन्होंने साफ कर दिया है कि जब तक बेटी के मामले में जिम्मेदार लोगों पर एफआईआर नहीं होती, वे अनशन खत्म नहीं करेंगे। परिजनों के मुताबिक लगातार कई दिनों से अन्न नहीं लेने के कारण उनकी तबीयत लगातार बिगड़ रही है। परिवार के लोग उनकी हालत को लेकर चिंतित हैं, लेकिन पिता अपनी मांग पर अड़े हुए हैं। दरअसल कल्पना मिश्रा को 25 अगस्त को प्रसव के लिए संजय गांधी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। 26 अगस्त को इलाज के दौरान कल्पना और उसके नवजात की मौत हो गई थी। इसके बाद परिवार ने अस्पताल के डॉक्टरों और स्टाफ पर गंभीर आरोप लगाते हुए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ एफआईआर की मांग शुरू की। 2 डॉक्टर समेत 4 स्वास्थ्यकर्मी हो चुके निलंबित मामले में अब तक अस्पताल के 6 लोगों पर कार्रवाई हो चुकी है। ड्यूटी पर मौजूद डॉ. सोनल अग्रवाल और डॉ. निधि पांडेय को निलंबित किया गया। इनके अलावा साधना वर्मा और सीमा मुजाल्दे को भी निलंबित किया गया है। इस तरह मामले में 4 स्वास्थ्यकर्मियों पर निलंबन की कार्रवाई हुई है। इसके अलावा मेडिकल कॉलेज के तत्कालीन अधीक्षक डॉ. राहुल मिश्रा को पद से हटा दिया गया। इसके बाद डीन डॉ. सुनील अग्रवाल को भी रीवा मेडिकल कॉलेज के डीन पद से हटाकर सतना मेडिकल कॉलेज भेज दिया गया। उनकी जगह डॉ. शशिधर प्रसाद गर्ग को रीवा मेडिकल कॉलेज की जिम्मेदारी दी गई। मामले में अधीक्षक और डीन समेत अब तक 6 लोगों पर कार्रवाई की बात सामने आई है। परिवार का कहना है कि निलंबन, पद से हटाने और तबादले की कार्रवाई के बावजूद उनकी मुख्य मांग पूरी नहीं हुई है। पिता की मांग है कि मामले में जिम्मेदार डॉक्टरों और अन्य लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए और आपराधिक कार्रवाई हो। मजिस्ट्रेटियल जांच भी शुरू इधर प्रशासन ने 26 अगस्त को हुई कल्पना और उसके नवजात की मौत की मजिस्ट्रेटियल जांच के आदेश दिए हैं। जांच की जिम्मेदारी एसडीएम सिरमौर दृष्टि जायसवाल को दी गई है। जांच में इलाज के दौरान की परिस्थितियों, डॉक्टरों और स्टाफ की भूमिका और परिवार की ओर से लगाए गए आरोपों को देखा जा रहा है। परिजनों की ओर से जांच में घटना से जुड़े दस्तावेज और अन्य साक्ष्य भी रखे गए हैं। परिवार अस्पताल के सीसीटीवी फुटेज, डॉक्टरों का ड्यूटी रोस्टर और घटना के समय मौजूद स्टाफ की भूमिका को भी जांच के दायरे में शामिल करने की मांग कर रहा है। अब एक तरफ मामले में 4 स्वास्थ्यकर्मियों का निलंबन, अधीक्षक डॉ. राहुल मिश्रा को हटाने और डीन डॉ. सुनील अग्रवाल को सतना भेजने की कार्रवाई हो चुकी है, वहीं दूसरी तरफ मजिस्ट्रेटियल जांच आगे बढ़ रही है। इसके बावजूद कल्पना के पिता का अनशन 13वें दिन भी जारी है और बिगड़ती सेहत के बीच उनकी मांग अब भी एफआईआर और जिम्मेदारों के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई की है।
Read full article on Bhaskar