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कांग्रेस पार्षदों ने क्रॉस वोटिंग के आरोपों का किया खंडन:बोले- पुलिस ने हम पर दबाव बनाया था, कांग्रेस प्रत्याशी को वोट देने की शपथ ली थी
कोटा के मेयर चुनाव में क्रॉस वोटिंग का कांग्रेस के तीन पार्षदों ने लिखित बयान जारी कर खंडन किया है। वार्ड 21 के पार्षद दिनेश गोस्वामी, वार्ड 20 के पार्षद अशोक मेघवाल और वार्ड 42 के पार्षद सियाराम वर्मा ने क्रॉस वोटिंग से जुड़े आरोपों को असत्य, तथ्यहीन और भ्रामक बताया है। दरअसल, मेयर चुनाव में कांग्रेस के पास 39 पार्षद होने के बावजूद उसकी मेयर प्रत्याशी सुनीता सुमन को 35 वोट ही मिले। यानी कांग्रेस के निर्धारित वोटों में 4 वोट कम मिले, जिसके बाद कांग्रेस खेमे में क्रॉस वोटिंग की चर्चा शुरू हुई। तीनों पार्षदों ने कहा- पुलिस के जरिए क्रॉस वोटिंग का दवाब बनाया जा रहा था तीनों पार्षदों ने संयुक्त बयान में कहा कि महापौर चुनाव से पहले जिला कांग्रेस कार्यालय में आयोजित बैठक में वे मौजूद नहीं थे। उस दिन वे पूर्व मंत्री एवं कोटा उत्तर विधायक शांति धारीवाल के जयपुर स्थित आवास पर मौजूद थे। पार्षदों का आरोप है कि हम पर भाजपा के पक्ष में मतदान करने के लिए पुलिस प्रशासन के जरिए लगातार दबाव बनाया जा रहा था। इसी संबंध में शांति धारीवाल से मुलाकात की थी, जिसके कारण वे जिला कांग्रेस कार्यालय की बैठक में शामिल नहीं हो सके। कांग्रेस प्रत्याशी को वोट देने की शपथ ली थी पार्षदों ने कहा कि महापौर चुनाव के मतदान वाले दिन वे तीनों प्रदेश महासचिव अमित धारीवाल के साथ जिला कांग्रेस कार्यालय पहुंचे थे। वहां उन्होंने ईश्वर को साक्षी मानकर कांग्रेस की महापौर प्रत्याशी सुनीता कुमारी के पक्ष में मतदान करने की शपथ ली थी। तीनों पार्षदों ने कहा कि क्रॉस वोटिंग को लेकर लगाए गए आरोपों का पूर्ण रूप से खंडन करते हैं। जिन लोगों ने उनके खिलाफ क्रॉस वोटिंग के आरोप लगाए हैं, उनके खिलाफ मानहानि का मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।
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