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झांसी की लोक अदालत में निपटे मामले:वाजिब जुर्माना लगाकर कोर्ट ने खत्म की कानूनी लड़ाई
झांसी न्यायालय परिसर में शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। इसमें मोटर व्हीकल एक्ट, बैंक लोन समेत विभिन्न मामलों की सुनवाई हुई। बड़ी संख्या में लोग अपने मामलों के निस्तारण के लिए पहुंचे। दोनों पक्षों की सहमति के बाद न्यायालय ने निर्धारित प्रावधानों के तहत जुर्माना लगाकर मामलों का निस्तारण किया। लोक अदालत में लोगों की बढ़ी रुचि को लेकर न्यायाधीश शरद चौधरी ने कहा कि इस बार लोगों में काफी उत्साह देखने को मिला। उन्होंने बताया कि पिछले आयोजन की तुलना में इस बार लोक अदालत में लोगों की रुचि बढ़ी है। ऐसे मामलों को लोक अदालत में लिया जाता है, जिनमें जुर्माना या समझौते के आधार पर निस्तारण का प्रावधान होता है। शनिवार को भी सैकड़ों मामलों का दोनों पक्षों की सहमति से निस्तारण किया गया। न जीत होती है, न हार न्यायाधीश शरद चौधरी ने बताया कि लोक अदालत की सबसे खास बात यह है कि इसमें किसी पक्ष की जीत या हार नहीं होती। दोनों पक्ष आपसी सहमति से मामले का निस्तारण कराते हैं। इससे विवाद को लंबे समय तक अदालत में चलाने की जरूरत नहीं पड़ती। उन्होंने बताया कि लोक अदालत में जिस मामले का निस्तारण हो जाता है, उसके फैसले के खिलाफ सामान्य तौर पर ऊपरी अदालत में अपील का प्रावधान नहीं होता। इससे दोनों पक्ष लंबी न्यायिक प्रक्रिया से बच जाते हैं। लोक अदालत के माध्यम से मामलों के जल्दी निस्तारण से पक्षकारों को राहत मिलती है। वहीं, अदालतों का समय भी बचता है। इससे न्यायालय में लंबित गंभीर और बड़े मामलों की सुनवाई के लिए अधिक समय उपलब्ध हो पाता है।
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