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जयंत बोले- मुंह खोला तो अखिलेश खड़े नहीं हो पाएंगे:वो हल्केपन वाली बातें कर रहे; सपा नेता का पलटवार- डेढ़ जिले की पार्टी के नेता अहसान फरामोश
राष्ट्रीय लोकदल प्रमुख और केंद्रीय राज्यमंत्री जयंत चौधरी ने सोमवार को सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव को करारा जवाब दिया। दिल्ली में मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा- अखिलेश यादव जिस हल्केपन से बात करते हैं, वह ठीक नहीं है। एनडीए से पहले मेरा अखिलेश यादव से साझा (गठबंधन) था। बहुत सारी बातें होती हैं, जो बताई नहीं जाती। अगर मैं वह सब खोल दूंगा तो यूपी में अखिलेश यादव को खड़े होने की जगह नहीं मिलेगी। जयंत के बयान पर सपा नेता फखरुल हसन चांद ने पलटवार किया है। उन्होंने कहा- पश्चिमी उत्तर प्रदेश में डेढ़ जिले की एक पार्टी है, जिसके नेता अहसान फरामोश हैं। सपा विधायकों के दम पर राज्यसभा जाते हैं और राज्यसभा पहुंचते ही भाजपा गठबंधन में शामिल हो जाते हैं। सत्ता की मलाई खाते हैं। कहते थे क्या मैं कोई 'चवन्नी' हूं, जो पलट जाऊंगा? पता चलता है वो चवन्नी थे, पलट गए। दरअसल, सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बीते माह तंज कसते हुए दावा किया था कि एनडीए में राष्ट्रीय लोकदल को 73 सीटें मिलेंगी। अखिलेश ने बिना नाम लिए रालोद प्रमुख जयंत चौधरी पर कहा था- मैंने चवन्नी को रुपया बनाया, लेकिन वह भी भाग गए। इसके बाद से दोनों पार्टियों के नेता एक-दूसरे पर हमलावर हैं। अब 10 सवाल-जवाब में पढ़िए जयंत की पूरी बात... आपकी पत्नी ने पहली बार अखिलेश को जवाब दिया, क्या वो चुनाव भी लड़ेंगी? जयंत चौधरी: चारूजी के भाषण ने तो मुझे भी फेल कर दिया। उन्होंने सटीक बात कही। उन्होंने छोटे समय में बड़ी बात कही। वो उनकी भावुकता है। कोई लाग-लपेट नहीं था, उनके दिल में जो बात थी, वो उन्होंने रखी। ये बात आप उनसे पूछो क्या वो लड़ना चाहेंगी। यदि लड़ना चाहेंगी तो उनको हमारे पार्लियामेंट्री बोर्ड में आवेदन करना पड़ेगा। RLD इस बार कितनी सीट पर चुनाव लड़ने का प्लान बना रही है? जयंत चौधरी: यूपी में 403 सीटें हैं। यूपी के साथ हम उत्तराखंड में भी लड़ेंगे। लेकिन यूपी की 403 सीट पर NDA की संयुक्त लड़ाई है। सभी घटक दलों का एक ही प्रयास है कि विकास के रास्ते नहीं रुकने चाहिए। सिंबल पार्टियों के बदलते रहते हैं। चौधरी चरण सिंह और चौधरी अजीत सिंह के समय भी अलग-अलग सिंबल और नाम थे। पार्टी के नाम, सिंबल किसका भी हो, हमारी लड़ाई हमें मजबूती के साथ लड़नी है। आप अपनी सीटों पर साफ बात नहीं कर रहे हैं, लेकिन अखिलेश यादव कर रहे हैं? जयंत चौधरी: मैं अधिकार के साथ NDA की सीटों की बात कर रहा हूं। बताओ वो बात बड़ी है या अखिलेश की बात बड़ी है? अखिलेश यादव सोशल मीडिया पर आपकी सीटें क्लियर कर चुके हैं? जयंत चौधरी: जब हमारा उनके साथ गठबंधन था, सारी बातें सार्वजनिक तौर पर बताई नहीं जाती हैं। ये मेरी गंभीरता है, जो मैं वो बातें नहीं कह रहा। अगर वो बातें मैं खोल दूंगा न, तो उनको उत्तर प्रदेश में खड़े होने की जगह नहीं मिलेगी। जिस हल्केपन से वो आज बातें कह रहे हैं कि इतनी सीट मिलनी चाहिएं तभी सम्मान होगा। चौधरी चरण सिंह का सम्मान विधानसभा सीटों से नहीं तय होने वाला। उनका सम्मान सबके दिल में है और रहेगा। चाहे राष्ट्रीय लोकदल को एक भी सीट ना मिले। अखिलेश बहुत आक्रामक हैं, उन्होंने पहले 'चवन्नी' वाला बयान दिया, फिर उनके नेताओं ने 'हवेली' वाला बयान दिया? जयंत चौधरी: राजनीति में मुद्दे होने चाहिए। मुद्दा 'चवन्नी' का नहीं है। मुद्दे किसानों के हैं, शिक्षा व्यवस्था के हैं, विकास के हैं। आज जो हाईवे बन रहे हैं, सहारनपुर वालों से पूछो कितनी देर लगी दिल्ली पहुंचने में? 2-2.5 घंटे में आ गए। और पहले कितने लगते थे? 6 घंटे से कम नहीं लगते थे। तो ये लोग तरक्की चाहते हैं, लोग रोजगार चाहते हैं, उस ओर हम लोग काम कर रहे हैं। Gen Z की बात की, आपने G फॉर गन्ना बताया था। तो क्या यह Gen Alpha को कहीं न कहीं अपनी ओर करने के लिए है? जयंत चौधरी: मैं यह मानता हूं, जो यंग लोग हैं, वो उस हिसाब से नहीं सोचते, जैसे मैं सोचता हूं या हमारे पूर्वज सोचते थे। सोचना भी नहीं चाहिए, उनकी दुनिया ही अलग है। जातियों में उनको उलझाने से कोई लाभ नहीं है। तो इसलिए जाति से हमें ऊपर उठना है। अब ज्यादा वक्त नहीं है विधानसभा चुनावों में, सपा ने प्रचार की शुरुआत पश्चिमी उत्तर प्रदेश से की? जयंत चौधरी: नहीं, शुरुआत कहां की? वो एसपी (SP) नहीं, वो पीसी (PC) है। पीसी के अलावा कुछ नहीं कर रहे हैं। सभा नहीं करेंगे। वो वहां ट्वीट करेंगे। आंदोलन उन्होंने किया नहीं है, सड़क पर वो आए नहीं, लेकिन विपक्ष की राजनीति कर रहे हैं। क्या 'चवन्नी' वाले बयान के चलते अखिलेश की रैलियां पश्चिमी यूपी में टल रही हैं? जयंत चौधरी: मैं नहीं जानता क्यों टल रही हैं, मैं यह जानता हूं कि रैली हो नहीं रहीं। UCC को लेकर आपकी पार्टी का स्टैंड क्या रहेगा? जयंत चौधरी: देखिए, इसे राज्यों को करना है। गृह मंत्री ने इसको लेकर एक बयान दिया है। महिलाओं के अधिकारों की दृष्टि से देखें तो कॉमन लॉ एक प्रोग्रेसिव लॉ है। दरअसल, गृह मंत्री अमित शाह ने 13 सितंबर को मुंबई में कहा था कि 2029 के लोकसभा चुनाव से पहले भाजपा-एनडीए शासित सभी 21 राज्यों में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू की जाएगी। कई राज्यों में UCC लागू हो चुका है। बाकी राज्यों में भी इसे लागू किया जाएगा। क्या 2027 से पहले उत्तर प्रदेश में UCC को लेकर फैसला होगा? जयंत चौधरी: नहीं। आखिरी सवाल था और आखिरी जवाब दे दिया। जयंत के बयान पर सपा नेता फखरुल हसन चांद ने किया पलटवार सपा नेता फखरुल हसन चांद ने जयंत चौधरी के बयान पर पलटवार किया। उन्होंने कहा कि- पश्चिमी यूपी के डेढ़ जिले की एक पार्टी है, जिसके नेता अहसान फरामोश हैं।आज वो विकास की बात कर रहे हैं, जब आलू किसान परेशान है। पेपर लीक होते रहे, नौजवान सड़क पर पिटता रहा, किसान परेशान होता रहा, किसानों की फसलें आवारा पशु चरते रहे, लेकिन जयंत चौधरी जी खामोश रहे। क्यों? क्योंकि उनको विकास इसी में नजर आता है जब किसान परेशान नजर आता है। इसलिए वो डेढ़ जिले की पार्टी के नेता यह याद रखें कि जनता जनार्दन होती है, जनता जवाब देती है। पश्चिमी यूपी में जब भी सपा की रैली होगी, डंके की चोट पर होगी और ऐतिहासिक होगी। .................................... ये खबर भी पढ़िए... भास्कर एक्सक्लूसिव अखिलेश की नई रणनीति-75 जिले, 75 घोषणा पत्र:पहली बार ऐसा करेंगे; मुलायम के समय से एक ही मेनिफेस्टो बनता आ रहा अखिलेश यादव ने 2027 के यूपी विधानसभा चुनाव के लिए नई स्ट्रैटजी बनाई है। सपा पहली बार 'पूरे प्रदेश के लिए एक ही घोषणा-पत्र' की पुरानी परंपरा को तोड़ने जा रही है। अब हर जिले का एक अलग, एक्सक्लूसिव 'माइक्रो लेवल' घोषणा-पत्र जारी करेगी। मतलब, 75 जिले, 75 अलग विजन। मुलायम सिंह यादव के समय से सपा एक ही चुनावी मेनिफेस्टो जारी करती आ रही है। पूरी खबर पढ़िए...
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