Canada's #1 Community Marketplace
Home Blog News Announcements Pricing Register Free
entertainment

जन्मदिन के अगले दिन दुनिया को कहा अलविदा, कैंसर ने छीन ली मशहूर संगीतकार आदेश श्रीवास्तव की जिंदगी

📰 Mithila Hindi News 🕐 1 min read 📅 September 4, 2026 👁 5 views
जन्मदिन के अगले दिन दुनिया को कहा अलविदा, कैंसर ने छीन ली मशहूर संगीतकार आदेश श्रीवास्तव की जिंदगी
मिथिला हिन्दी न्यूज | विशेष रिपोर्ट हिंदी फिल्म संगीत की दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाने वाले मशहूर संगीतकार और गायक आदेश श्रीवास्तव ने बेहद कम उम्र में सफलता की ऊंचाइयों को छुआ, लेकिन जिंदगी के आखिरी दौर में कैंसर ने उन्हें गहरे दर्द और आर्थिक मुश्किलों से जूझने पर मजबूर कर दिया। 5 सितंबर 2015 को महज 51 वर्ष की उम्र में उनका निधन हो गया। खास बात यह रही कि उन्होंने अपने जन्मदिन के अगले ही दिन दुनिया को अलविदा कहा। जबलपुर से शुरू हुआ संगीत का सफर आदेश श्रीवास्तव का जन्म मध्य प्रदेश के जबलपुर में हुआ था। उनके पिता रेलवे में सुपरिटेंडेंट और मां कॉलेज में लेक्चरर थीं। बचपन से ही उन्हें संगीत में गहरी दिलचस्पी थी। स्कूल और कॉलेज में जब भी संगीत सीखने या प्रस्तुति देने का मौका मिलता, आदेश उसमें बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते थे। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत बतौर ड्रमर की। मशहूर संगीतकार आर.डी. बर्मन और राजेश रोशन के लिए उन्होंने ड्रम बजाया। धीरे-धीरे उनकी प्रतिभा ने उन्हें फिल्म संगीत की दुनिया में एक स्वतंत्र संगीतकार के रूप में स्थापित कर दिया। ‘कन्यादान’ से फिल्मी सफर की शुरुआत आदेश को 1993 में फिल्म ‘कन्यादान’ से संगीतकार के रूप में पहला ब्रेक मिला, हालांकि यह फिल्म रिलीज नहीं हो सकी। इसके बाद 1994 में आई फिल्म ‘आओ प्यार करें’ में संगीत देकर उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री में अपनी पहचान बनानी शुरू की। वर्ष 2000 में आई फिल्म ‘रिफ्यूजी’ उनके करियर का बड़ा मोड़ साबित हुई। फिल्म के संगीत के लिए उन्हें आईफा अवॉर्ड मिला। इसके बाद ‘रहना है तेरे दिल में’, ‘कभी खुशी कभी गम’, ‘बागबान’ और ‘राजनीति’ जैसी फिल्मों में उनके संगीत को खूब पसंद किया गया। उनके लोकप्रिय गीतों में ‘सोना सोना’, ‘शाबा शाबा’, ‘मोरा पिया’, ‘मैं यहां तू वहां’ और ‘क्या अदा क्या जलवे तेरे पारो’ जैसे गाने शामिल हैं। अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी बनाई पहचान आदेश श्रीवास्तव की प्रतिभा सिर्फ बॉलीवुड तक सीमित नहीं रही। उन्होंने कई अंतरराष्ट्रीय कलाकारों के साथ काम किया और मंच साझा किया। शकीरा, एकॉन, नोरा जोन्स, क्वीन लतीफा, वायक्लेफ जीन, टी-पेन और सोल्जा बॉय जैसे अंतरराष्ट्रीय कलाकारों के साथ उनके काम का उल्लेख मिलता है। उन्होंने एकॉन के साथ हाउस ऑफ ब्लूज़ में परफॉर्म किया था। इसके अलावा लंदन के प्रसिद्ध एबी रोड स्टूडियो में लंदन फिलहारमोनिक ऑर्केस्ट्रा के साथ भी काम किया। ‘सा रे गा मा पा’ में बने जज आदेश श्रीवास्तव लोकप्रिय संगीत रियलिटी शो ‘सा रे गा मा पा’ में जज के रूप में भी नजर आए। हालांकि बाद में उन्होंने ऐसे रियलिटी शो से दूरी बना ली। उनका मानना था कि इन कार्यक्रमों में पारदर्शिता को लेकर सवाल रहते हैं। कैंसर ने बदल दी जिंदगी साल 2010 में आदेश को ब्लड कैंसर का पता चला। यह खबर उनके और परिवार के लिए बेहद मुश्किल थी। उन्होंने बीमारी से लड़ने की पूरी कोशिश की और इलाज के बाद कुछ समय के लिए स्वस्थ भी हुए। लेकिन कैंसर दोबारा लौट आया। एक बार फिर उन्होंने बीमारी को मात दी, मगर कुछ समय बाद तीसरी बार कैंसर ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया। आखिरी दिनों में उनकी हालत बेहद खराब हो गई थी। करीब 42 दिनों तक अस्पताल में जिंदगी और मौत से जूझने के बाद 5 सितंबर 2015 को उन्होंने अंतिम सांस ली। इलाज के लिए बेचनी पड़ी महंगी कार आदेश को गाड़ियों और ड्राइविंग का काफी शौक था। उनके पास महंगी कारें थीं और वह अक्सर अलग-अलग गाड़ियां चलाते हुए तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा करते थे। लेकिन बीमारी के दौरान आर्थिक संकट इतना बढ़ गया कि इलाज का खर्च उठाने के लिए उन्हें अपनी महंगी कार तक बेचनी पड़ी। बताया जाता है कि आखिरी दौर में उन्हें बेहद महंगे इंजेक्शन और इलाज की जरूरत पड़ रही थी। बीमारी से ज्यादा लोगों के व्यवहार ने दिया दर्द आदेश ने बीमारी के दौरान अपने करीबियों के व्यवहार को लेकर भी दुख जताया था। उनका कहना था कि कैंसर का दर्द अपनी जगह था, लेकिन जिन लोगों के साथ उन्होंने वर्षों तक काम किया, उनका बीमारी के दौरान दूर हो जाना उन्हें और ज्यादा तकलीफ देता था। उन्हें इस बात का मलाल रहा कि मुश्किल समय में बहुत कम लोग उनका हाल पूछने या उनसे मिलने पहुंचे। अमिताभ बच्चन से था खास रिश्ता आदेश श्रीवास्तव और अभिनेता अमिताभ बच्चन के बीच गहरी दोस्ती थी। अमिताभ की कई फिल्मों में आदेश ने संगीत दिया। ‘लाल बादशाह’, ‘दीवार’, ‘मेजर साहब’, ‘बागबान’, ‘आंखें’ और ‘कभी खुशी कभी गम’ जैसी फिल्मों से उनका नाम जुड़ा रहा। अमिताभ बच्चन के साथ उनके रिश्ते को फिल्म इंडस्ट्री में काफी खास माना जाता था। परिवार को भी झेलनी पड़ी मुश्किलें आदेश श्रीवास्तव ने अभिनेत्री और गायिका विजेयता पंडित से शादी की थी। विजेयता मशहूर संगीतकार जोड़ी जतिन-ललित की बहन थीं। दोनों के दो बेटे अवितेश और अनिवेश हैं। आदेश के निधन के बाद परिवार को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ा। उनकी पत्नी विजेयता को भी आर्थिक संकट के दौर से गुजरना पड़ा और खबरों के मुताबिक उन्हें अपना घर तक किराए पर देना पड़ा। दर्द भरे गीतों में सुनाई देता था उनका अपना दर्द आदेश श्रीवास्तव ने अपने करियर में 100 से ज्यादा फिल्मों को संगीत दिया। उन्होंने बॉलीवुड को कई यादगार गीत दिए, लेकिन उनके निधन के बाद उनके दर्द भरे गीतों को सुनने पर उनके जीवन की कठिनाइयों की झलक महसूस होती है। जबलपुर से मुंबई की मायानगरी तक का सफर तय करने वाले आदेश ने संगीत की दुनिया में अपनी अमिट छाप छोड़ी। शोहरत, अंतरराष्ट्रीय पहचान और यादगार संगीत हासिल करने के बावजूद उनकी जिंदगी का अंतिम अध्याय बेहद दर्दनाक रहा। 5 सितंबर 2015 को आदेश श्रीवास्तव हमेशा के लिए खामोश हो गए, लेकिन उनके संगीत की धुनें आज भी उन्हें सुनने वालों के बीच जिंदा हैं। मिथिला हिन्दी न्यूज संपादक: रोहित कुमार सोनू
Read full article on Mithila Hindi News

Related News

🤖
GoBazaar Assistant
Search listings, jobs, events & more
👋 Hi! I can help you find anything on GoBazaar.
Try asking me something like:
"Room for rent under $800 in Calgary"
Select Location
All Canada
Alberta
British Columbia
Manitoba
New Brunswick
Nova Scotia
Ontario
Quebec
Saskatchewan