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इंदौर में पार्षद जीतू यादव का भाजपा निष्कासन खत्म:पार्षद कालरा से विवाद के बाद पार्टी से निकाले गए थे
इंदौर में भाजपा से निष्कासित एमआईसी सदस्य और पार्षद जीतू यादव को पार्टी ने बड़ी राहत दी है। भाजपा ने उनका 6 साल के लिए किया गया प्राथमिक सदस्यता से निष्कासन समाप्त कर दिया है। पार्टी की ओर से उन्हें क्लीन चिट दिए जाने के बाद अब उनकी भाजपा में वापसी का रास्ता साफ हो गया है। मंगलवार को इसे लेकर भाजपा नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा ने यह आदेश जारी किया है। जीतू यादव के खिलाफ यह कार्रवाई भाजपा पार्षद कमलेश कालरा के साथ हुए विवाद के बाद की गई थी। दोनों के बीच शुरू हुआ विवाद बाद में गंभीर आपसी दुश्मनी में बदल गया था। मामले ने इतना तूल पकड़ा था कि इसकी गूंज प्रदेश से लेकर दिल्ली तक पहुंची थी और भाजपा की जमकर किरकिरी हुई थी। कालरा के घर तोड़फोड़, बेटे को निर्वस्त्र करने के आरोपों से गरमाया था मामला विवाद के दौरान जीतू यादव पर आरोप लगा था कि उनके समर्थकों ने कमलेश कालरा के घर पहुंचकर तोड़फोड़ की और उनके नाबालिग बेटे के साथ अभद्रता की। आरोप यह भी था कि बच्चे को निर्वस्त्र कर उसका वीडियो बनाया गया। घटना के बाद मामला राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर बेहद गंभीर हो गया था। पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की थी। मामले में जीतू यादव का नाम सामने आने के बाद भाजपा ने भी सख्त रुख अपनाते हुए उन्हें पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से 6 साल के लिए निष्कासित कर दिया था। पार्टी की कार्रवाई के बाद राजनीतिक हलकों में मचा था हड़कंप घटना के बाद भाजपा के भीतर भी इस मामले को लेकर काफी हलचल हुई थी। पार्टी नेतृत्व ने सार्वजनिक रूप से इसे गंभीरता से लिया था। विवाद के चलते संगठन की छवि पर भी सवाल उठे थे इसके बाद जीतू यादव पर संगठनात्मक कार्रवाई करते हुए उन्हें पार्टी से बाहर कर दिया गया था। उस समय यह कार्रवाई भाजपा के लिए बड़ा राजनीतिक फैसला मानी गई थी। अब छह साल का निष्कासन खत्म, पार्टी ने दी क्लीन चिट अब भाजपा ने जीतू यादव के खिलाफ की गई छह साल की निष्कासन कार्रवाई को समाप्त कर दिया है। पार्टी की ओर से उन्हें क्लीन चिट मिलने के बाद उनके दोबारा संगठन में सक्रिय होने का रास्ता खुल गया है। यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है, जब कमलेश कालरा और जीतू यादव के बीच विवाद को लेकर हुई कार्रवाई और उसके बाद की राजनीतिक घटनाएं एक बार फिर चर्चा में हैं। क्या था पूरा विवाद? कमलेश कालरा और जीतू यादव के बीच विवाद की शुरुआत स्थानीय स्तर के राजनीतिक मतभेद से हुई थी। धीरे-धीरे यह विवाद व्यक्तिगत दुश्मनी में बदल गया। इसके बाद कालरा के घर हुई तोड़फोड़ और उनके बेटे के साथ कथित अभद्रता ने मामले को बेहद गंभीर बना दिया। घटना के बाद पुलिस केस दर्ज हुआ और राजनीतिक स्तर पर भी मामला गर्माया। भाजपा नेतृत्व ने तत्काल कार्रवाई करते हुए जीतू यादव को छह साल के लिए पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निष्कासित कर दिया था। अब पार्टी के नए फैसले से जीतू यादव के राजनीतिक भविष्य को लेकर फिर से चर्चाएं शुरू हो गई हैं। यह खबर भी पढ़ें... भाजपा पार्षद के बेटे के कपड़े उतारकर वीडियो बनाया इंदौर में भाजपा पार्षद के बेटे से मारपीट का वीडियो सामने आया है। मारपीट में बदमाशों ने वार्ड 65 के भाजपा पार्षद कमलेश कालरा के नाबालिग बेटे को पीटा था। आरोप पार्षद और एमआईसी सदस्य जीतू यादव पर लग रहे हैं। पढ़ें पूरी खबर... गिरफ्तारी और पॉक्सो के बिना कोई समझौता नहीं इंदौर में दो भाजपा पार्षदों के बीच चल रहे विवाद में एक और नया ऑडियो सामने आया है। ऑडियो भाजपा पार्षद कमलेश कालरा और उनके दोस्त नरेंद्र सोनी के बीच का है। हालांकि, यह ऑडियो कब का है इसकी पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन कालरा ऑडियो की पुष्टि कर रहे हैं। पूरी खबर यहां पढ़ें... इंदौर में भाजपा पार्षद कालरा के घर पर हमला इंदौर में भाजपा के एक पार्षद के घर पर हमला हो गया। घर में घुसकर कुछ बदमाशों ने वार्ड 65 के पार्षद कमलेश कालरा के खातीवाला टैंक स्थित घर में घुसकर उनकी मां और बेटे को घायल कर दिया। कालरा ने इसे लेकर भाजपा के ही दूसरे पार्षद जीतू यादव पर आरोप लगाया है। पढ़े पूरी खबर...
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