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ई-रिक्शा की हेडलाइट तोड़ी, चालक को 3घंटे थाने में बैठाया:ट्रैफिककर्मी का VIDEO, पीड़ित बोला- दिन में 500 कमाता हूं, 200 की लाइट तोड़ दी
छतरपुर के छत्रसाल चौक पर ट्रैफिक पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं। एक ई-रिक्शा चालक ने ट्रैफिक पुलिसकर्मी पर उसकी हेडलाइट डंडे से तोड़ने और तीन घंटे तक थाने में बैठाए रखने का आरोप लगाया है। चालक का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें उसने ये आरोप लगाए हैं। इस मामले में निष्पक्ष जांच की मांग की जा रही है। ई-रिक्शा चालक की पहचान तरुण कोरी के रूप में हुई है। तरुण ने वीडियो में बताया कि उसने 12वीं तक पढ़ाई की है, लेकिन पारिवारिक परिस्थितियों के कारण उसे पढ़ाई छोड़नी पड़ी। वह अपने माता-पिता, एक भाई और एक बहन के साथ रहता है और परिवार में सबसे बड़ा है। तरुण ई-रिक्शा चलाकर अपने परिवार का भरण-पोषण करता है, जबकि उसके छोटे भाई-बहन अभी पढ़ाई कर रहे हैं। तरुण के अनुसार, यह घटना सोमवार सुबह करीब 11 बजे डाकखाने चौराहे पर हुई। उसका बैटरी ऑटो (MP 16 ZD 0709) वहां से गुजर रहा था, तभी एक ट्रैफिककर्मी ने उसे रोकने का प्रयास किया। तरुण को डंडा नहीं लगा, लेकिन पुलिसकर्मी ने उसके ई-रिक्शा पर डंडा मारा, जिससे उसकी हेडलाइट टूट गई। आरोप- थाने में तीन घंटे बैठाए रखा चालक ने आरोप लगाया कि टूटी हुई हेडलाइट की कीमत लगभग 200 रुपये थी। जब तरुण ने इस कार्रवाई का विरोध किया, तो उसे ट्रैफिक थाने ले जाया गया। तरुण का कहना है कि उसे थाने में करीब तीन घंटे तक बैठाकर रखा गया। इस दौरान उसने कथित तौर पर ट्रैफिककर्मी का वीडियो भी बना लिया। तरुण कोरी ने बताया कि ट्रैफिककर्मी उस पर कार्रवाई और चालान करने की बात कर रहे थे। उसने दावा किया कि उसके सभी दस्तावेज पूरे थे, इसलिए चालान का कोई औचित्य नहीं था। दस्तावेजों की जांच के बाद, पुलिसकर्मी ने उसके खिलाफ नो-पार्किंग का चालान करने की बात कही, जिसका तरुण ने विरोध किया। लगभग तीन घंटे बाद, तरुण को बिना किसी कार्रवाई के छोड़ दिया गया। सुविधा शुल्क लेने का भी लगाया आरोप वायरल वीडियो में चालक ने ट्रैफिक पुलिस की कार्रवाई की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए हैं। उसका आरोप है कि कई मामलों में चालान करने के बजाय 200 से 250 रुपए लेकर बिना रसीद वाहन चालकों को छोड़ दिया जाता है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। जांच के बाद ही स्पष्ट होगी वास्तविकता ई-रिक्शा चालक के आरोपों वाला वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर पुलिस की कार्यशैली को लेकर सवाल उठ रहे हैं। मामले में चालक द्वारा लगाए गए आरोपों की जांच होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि वास्तव में ट्रैफिककर्मी द्वारा ई-रिक्शा में डंडा मारकर हेडलाइट तोड़ी गई थी या नहीं। स्थानीय लोगों ने मामले की निष्पक्ष जांच और दोषी पाए जाने पर कार्रवाई की मांग की है। एसपी मामला जांच में दोष पर कार्यवाही होगी SP रजत सकलेचा का कहना है कि वीडियो और मामला सामने आया है। मामले में CSP को बताया है जांच की जा रही है। जहां का मामला है वहां के3 और थाने के CCTV चेक करवाये जाएंगे, मामले में 3 घंटे तक क्यों बैठाकर रखा और क्यों ये मामला क्रिएट हुआ कुलय शिकायत है, सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। जांच उपरांत दोषी पाए जाने पर विधिसंवत कार्यवाही की जायेगी।
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