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हरदोई में बैंककर्मियों का प्रदर्शन:5 दिवसीय बैंकिंग सप्ताह लागू करने की मांग, सरकार की चुप्पी पर जताई नाराजगी
हरदोई में बैंककर्मियों ने 5 दिवसीय बैंकिंग सप्ताह लागू करने की मांग को लेकर बुधवार शाम जोरदार प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) के राष्ट्रव्यापी आह्वान पर बैंक ऑफ इंडिया के जोनल ऑफिस के गेट पर शाम 5:15 बजे आयोजित किया गया। प्रदर्शनकारियों ने सरकार और डिपार्टमेंट ऑफ फाइनेंशियल सर्विसेज (DFS) से इस लंबित मांग पर तत्काल निर्णय लेने की अपील की। प्रदर्शन के दौरान अधिकारियों और कर्मचारियों ने '5 दिवसीय बैंकिंग सप्ताह लागू करो' और 'आईबीए की सहमति का सम्मान करो' जैसे नारे लगाए, जिससे उनका आक्रोश स्पष्ट रूप से सामने आया। यूएफबीयू के स्थानीय संयोजक राकेश पाण्डेय ने बताया कि इंडियन बैंकर्स एसोसिएशन (IBA) और श्रमिक संगठनों के बीच इस मुद्दे पर द्विपक्षीय सहमति पहले ही बन चुकी है। उन्होंने सरकार द्वारा इस मामले को टालने पर हैरानी जताई और सवाल किया कि जब सहमति बन गई है, तो आदेश कब जारी किया जाएगा। ईंधन और आवागमन के खर्च में कमी आएगी यूएफबीयू के कार्यवाहक चेयरमैन क्षितिज पाठक ने 5 दिवसीय बैंकिंग के लाभ गिनाए। उन्होंने कहा कि इससे बिजली, ईंधन और आवागमन के खर्च में कमी आएगी, जो ऊर्जा संरक्षण और पर्यावरण के लिए भी अनुकूल है। पाठक ने यह भी तर्क दिया कि डिजिटल बैंकिंग के कारण अधिकांश सेवाएं अब सातों दिन उपलब्ध हैं, ऐसे में कार्य-संस्कृति में बदलाव समय की मांग है। एबाक नेता अनूप सिंह ने सरकार को चेतावनी दी कि यदि इस मामले में टालमटोल बंद कर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। प्रदर्शन में पंजाब नेशनल बैंक, बैंक ऑफ इंडिया, यूनियन बैंक, केनरा बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, सेंट्रल बैंक, इंडियन बैंक और एसबीआई सहित विभिन्न सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के अधिकारी और कर्मचारी बड़ी संख्या में शामिल हुए। इनमें वेद प्रकाश पांडेय, अजय मेहरोत्रा, पवन मिश्रा, वरुण सिंह, अनामिका सिंह, दीपशिखा, मेघा कार्की, विपिन गुप्ता और संदीप कुमार जैसे कई प्रतिनिधि मौजूद थे। यूएफबीयू ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी मांग पूरी नहीं हो जाती, तब तक चरणबद्ध संघर्ष जारी रहेगा।
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